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राशन विक्रेताओं ने अपनी 5 सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सोपा ज्ञापन
राशन विक्रेताओं की पांच सूत्रीय मांगें, 1 अक्टूबर से सात दिवसीय आंदोलन की चेतावनी
बुरहानपुर। मध्यप्रदेश राशन विक्रेता संघ ने प्रदेश की शासकीय उचित मूल्य दुकानों से जुड़ी समस्याओं और लंबित मांगों के निराकरण को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रस्तुत किया है। ज्ञापन में प्रदेश की करीब 28 हजार शासकीय उचित मूल्य दुकानों से जुड़े राशन विक्रेताओं की आर्थिक एवं संचालन संबंधी समस्याओं का उल्लेख करते हुए पांच सूत्रीय मांगें रखी गई हैं।
संघ के अनुसार, वर्तमान में मिलने वाले कमीशन और बढ़ती लागत के कारण राशन दुकानों के संचालन में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में अन्य राज्यों में उचित मूल्य दुकानों को मिलने वाले कमीशन का हवाला देते हुए मध्यप्रदेश में भी कमीशन बढ़ाने की मांग की गई है।
ये हैं पांच प्रमुख मांगें
ज्ञापन में पहली मांग के रूप में खाद्यान्न वितरण पर कमीशन बढ़ाकर न्यूनतम 200 रुपए प्रति क्विंटल करने की मांग की गई है। दूसरी मांग में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के राशन विक्रेताओं के लिए न्यूनतम 40 हजार रुपए प्रतिमाह आय सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
तीसरी मांग परिवहन और तौल के दौरान होने वाली खाद्यान्न की कमी के लिए प्रति क्विंटल एक किलोग्राम की छूट अथवा क्षतिपूर्ति देने की है। चौथी मांग के तहत राशन दुकानों को मासिक कमीशन का भुगतान प्रत्येक माह की 5 तारीख तक सुनिश्चित करने की मांग रखी गई है।
पांचवीं मांग में सेवा सहकारी समितियों एवं वन समितियों को अपने अधीन कार्यरत राशन विक्रेताओं को पारिश्रमिक अथवा कमीशन का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
मांगें नहीं मानी तो आंदोलन का ऐलान
ज्ञापन में कहा गया है कि मांगों का समय सीमा में निराकरण नहीं होने की स्थिति में प्रदेश के राशन विक्रेता संगठनों द्वारा 1 अक्टूबर 2026 से सात दिवसीय आंदोलन एवं हड़ताल की चेतावनी दी गई है। हालांकि संघ ने उम्मीद जताई है कि शासन और प्रशासन समय रहते मांगों का निराकरण कर आंदोलन की स्थिति उत्पन्न नहीं होने देगा।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री, खाद्य मंत्री, सहकारिता विभाग सहित संबंधित अधिकारियों से राशन विक्रेताओं की मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने का अनुरोध किया गया है। ज्ञापन सौंपते समय राशन विक्रेता ओम प्रकाश तुलसानी आदी मौजूद रहे





