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ग्राम पंचायत रम्भा में पशु उपयोगी टांका निर्माण पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने चयनित स्थानों पर जताई आपत्ति
रिपोर्ट प्रदीप यादव नांदा भीमपुर
जनपद पंचायत भीमपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत रम्भा में पशुओं के लिए बनाए जा रहे उपयोगी टांका (जल संरचना) के निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों के बीच असंतोष देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि टांका निर्माण के लिए जिन स्थानों का चयन किया गया है, वे सार्वजनिक उपयोग की दृष्टि से उपयुक्त नहीं हैं, जिससे भविष्य में पशुपालकों और उनके पशुओं को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा।
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत द्वारा एक टांका गांव के एक जनप्रतिनिधि के घर के पीछे निर्माण कराया जा रहा है। उनका कहना है कि यह स्थान गांव के अधिकांश पशुपालकों की पहुंच से दूर है तथा यहां सभी पशुओं का एकत्र होकर पानी पीना संभव नहीं होगा। ग्रामीणों का मानना है कि इस प्रकार की सार्वजनिक सुविधा का निर्माण ऐसे स्थान पर होना चाहिए जहां पूरे गांव के पशुओं को समान रूप से लाभ मिल सके।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि दूसरा टांका भी ऐसे स्थान पर बनाया जा रहा है जो पशुओं की सुविधा के अनुरूप नहीं है। उनका कहना है कि पशु उपयोगी टांका का निर्माण गांव के ऐसे केंद्रीय और सुरक्षित स्थान पर होना चाहिए जहां पर्याप्त खुला क्षेत्र उपलब्ध हो, पशुओं को आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा बड़ी संख्या में पशु एक साथ पानी पी सकें।
ग्रामीणों के मुताबिक टांका निर्माण के लिए ऐसे स्थानों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए जहां पहले से ट्यूबवेल, बोरवेल या अन्य जलस्रोत उपलब्ध हों, ताकि वर्षभर पानी की उपलब्धता बनी रहे। साथ ही स्थान ऐसा हो जहां पशुओं की आवाजाही सुरक्षित रहे और दुर्घटना की आशंका न हो।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग एवं जनपद पंचायत प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य का स्थल निरीक्षण कर तकनीकी परीक्षण कराया जाए तथा यदि चयनित स्थान अनुपयुक्त पाए जाते हैं तो टांका निर्माण के लिए नए और सार्वजनिक हित वाले स्थानों का चयन किया जाए। उनका कहना है कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य आमजन और पशुपालकों को लाभ पहुंचाना है, इसलिए निर्माण कार्य भी उसी भावना के अनुरूप होना चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस विषय पर ध्यान नहीं दिया गया तो लाखों रुपये की लागत से बनने वाली यह संरचना अपने मूल उद्देश्य को पूरा नहीं कर पाएगी और इसका लाभ सीमित लोगों तक ही सिमट कर रह जाएगा। अब ग्रामीणों की निगाह प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
इस सम्बन्ध में जनपद सीईओ से बात कि तो उन्होंने कहा कि जल्द ही इसकी जांच की जाएगी और उचित स्थान पर टाका बनाया जाएगा





