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स्टॉप डैम के बगल में तालाब निर्माण पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने कहा— प्रस्ताव नहीं, फिर किस आधार पर शुरू हुआ काम?

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खबरवाणी

स्टॉप डैम के बगल में तालाब निर्माण पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने कहा— प्रस्ताव नहीं, फिर किस आधार पर शुरू हुआ काम?

बांका खोदरी के ग्रामीणों ने सीईओ जनपद को सौंपा ज्ञापन, सुरक्षा, आवश्यकता और स्वीकृतियों को लेकर जांच की मांग

भौंरा। । जनपद पंचायत शाहपुर की ग्राम पंचायत कुंडी अंतर्गत ग्राम बांका खोदरी में स्टॉप डैम के समीप कराए जा रहे तालाब निर्माण एवं गहरीकरण कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गांव के ग्रामीणों ने जनपद पंचायत शाहपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित आवेदन सौंपकर निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस स्थान पर कार्य कराया जा रहा है, वहां पहले से स्टॉप डैम मौजूद है, इसके बावजूद उसी स्थल के आसपास दोबारा तालाब निर्माण कराए जाने की आवश्यकता समझ से परे है।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में कहा गया है कि संबंधित स्थान गांव की महिलाओं, बच्चों और किसानों के नियमित आवागमन का क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में किसान परिवार निवास करते हैं तथा खेतों तक पहुंचने के लिए इसी मार्ग का उपयोग किया जाता है। ऐसे में तालाब निर्माण या गहरीकरण कार्य से दुर्घटना की आशंका बढ़ने के साथ-साथ आवागमन भी प्रभावित हो सकता है। ग्रामीणों ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि जहां निर्माण कार्य कराया जा रहा है, वहां पहले से स्टॉप डैम निर्मित है। इसके बावजूद उसी स्थान पर पुनः गहरीकरण अथवा तालाब निर्माण कराए जाने की आवश्यकता और औचित्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में वर्तमान समय में पानी की कोई गंभीर समस्या नहीं है, इसलिए यह समझ से परे है कि तालाब निर्माण के लिए इसी स्थान का चयन क्यों किया गया। यदि जल संरक्षण के लिए कोई कार्य आवश्यक था तो अन्य उपयुक्त स्थानों का चयन भी किया जा सकता था। ग्रामीणों के अनुसार निर्माण कार्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं गांव में चल रही हैं। लोगों का आरोप है कि पंचायत स्तर पर अभी तक इस कार्य का प्रस्ताव तक तैयार नहीं हुआ है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब पंचायत का प्रस्ताव ही नहीं बना तो कार्य किसके निर्देश पर और किस आधार पर प्रारंभ किया गया। ग्रामीणों ने यह आशंका भी व्यक्त की है कि कार्य की तकनीकी स्वीकृति (टीएस) की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है। यदि ऐसा है तो बिना आवश्यक स्वीकृतियों के निर्माण कार्य शुरू होना गंभीर जांच का विषय है। रेनू उइके, जो आवेदनकर्ताओं में शामिल हैं, का कहना है कि ग्रामीण विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन जनहित और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि प्रशासन को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस कार्य की वास्तविक आवश्यकता क्या है और इसके लिए सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त हुई हैं या नहीं।
वहीं मंगल सिंह का कहना है कि किसानों को खेतों तक पहुंचने के लिए इसी मार्ग का उपयोग करना पड़ता है। यदि यहां गहरीकरण या तालाब निर्माण होता है तो भविष्य में आवागमन प्रभावित हो सकता है।
सुंदरलाल ने सवाल उठाया कि जब गांव में पानी की कोई बड़ी समस्या नहीं है तो फिर इसी स्थान पर लाखों रुपये खर्च कर निर्माण कार्य क्यों कराया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की तकनीकी और वित्तीय जांच कराई जाए।
अखिलेश, कमलेश,अशोक का कहना है कि यदि प्रशासन जल संरक्षण के लिए कोई कार्य कराना चाहता है तो गांव में अन्य स्थान भी उपलब्ध हैं। इसलिए संबंधित स्थल के चयन के पीछे के कारणों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
आवेदन में ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोका जाए, कार्य की स्वीकृतियों, तकनीकी परीक्षण और वित्तीय औचित्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

इनका कहना

संबंधित स्थल पर फिलहाल किसी प्रकार का स्टॉप डैम निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। अभी केवल संभावित निर्माण स्थल का चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित स्थान पर डैम निर्माण को लेकर कुछ ग्रामीण आपत्ति जता रहे हैं और विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों की आपत्तियों एवं सुझावों को संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा तथा नियमानुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

प्रेमलाल अखंडे
सचिव ग्राम पंचायत कुंडी

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