खबरवाणी
कारगिल विजय दिवस पर वीर सैनिकों को किया नमन,
बगडोना महाविद्यालय एवं सारणी शहीद स्मारक में आयोजित हुए कार्यक्रम
खबरवाणी न्यूज़ रफीक
सारनी। वीर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री सरदार विष्णु सिंह उइके शासकीय महाविद्यालय बगडोना एवं शहीद स्मारक सारणी में भूतपूर्व सैनिक संघ द्वारा सैनिकों के सम्मान में गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने देश के वीर जवानों के साहस, त्याग और बलिदान को नमन करते हुए उनके योगदान को याद किया।
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर महाविद्यालय परिवार एवं अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संगठन के तत्वावधान में विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए गए। इस अवसर पर सर्वप्रथम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं सरदार विष्णु सिंह उइके की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया। साथ ही शहीदों की स्मृति में वृक्षारोपण किया गया तथा 2 मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित सभी लोगों ने देश की एकता और सुरक्षा के लिए शपथ भी ली।
कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता की जय एवं वंदे मातरम के नारों के साथ हुई। वक्ताओं ने कहा कि आज हमें जो स्वतंत्रता प्राप्त है, वह हमारे सैनिकों के कठिन परिश्रम और बलिदान का परिणाम है। हमारे जवान विषम परिस्थितियों में भी 50 किलो से अधिक वजन उठाकर बर्फीली पहाड़ियों को पार करते हैं और देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने से पीछे नहीं हटते।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि सेवानिवृत्त सैनिक आज भी समाज की सेवा में लगे हुए हैं और सारनी थर्मल पावर प्लांट में सुरक्षा गार्ड के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रदीप पंद्राम ने कारगिल युद्ध की वीरगाथा को स्मरण करते हुए बताया कि 18 से 19 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित दुर्गम पहाड़ियों पर भारतीय सेना ने विजय प्राप्त की थी। इस युद्ध में 527 सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए तथा 1300 से अधिक जवान घायल हुए थे।
उन्होंने कारगिल विजय के नायकों—कैप्टन विजय बत्रा, कैप्टन मनोज पांडे, संजय कुमार एवं योगेंद्र यादव—का उल्लेख करते हुए कहा कि इन वीरों के साहस ने देश को गौरवान्वित किया। कैप्टन विजय बत्रा को मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। उनका प्रसिद्ध नारा “यह दिल मांगे मोर” आज भी युवाओं में जोश भरता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक स्वर में देश की रक्षा के लिए समर्पित सैनिकों के प्रति आभार व्यक्त किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।




