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New order: हवालात की जिम्मेदारी अब एसीपी स्तर के अफसरों को 

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आरोपियों के स्वास्थ्य, भोजन और सुरक्षा को लेकर करेंगे मॉनिटरिंग

New order: पिछले कुछ महीनों में प्रदेश के थानों में हवालात में आरोपियों की मौत के मामलों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने नए आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत हवालात की जिम्मेदारी अब एसीपी स्तर के अधिकारियों को दी गई है। खासकर रात के समय आरोपियों के स्वास्थ्य, भोजन और सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह से एसीपी पर होगी।

नए आदेश के मुख्य बिंदु:

रात 8 बजे के बाद आरोपियों की जानकारी: महिला थाना और क्राइम ब्रांच सहित सभी थानों के प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे रात 8 बजे के बाद हवालात में बंद आरोपियों की स्थिति के बारे में अपने एसीपी को सूचित करें।

रात में एसीपी की जांच: यदि रात के समय कोई आरोपी हवालात में है, तो एसीपी की यह जिम्मेदारी होगी कि वह थाने जाकर आरोपियों से मिले, उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति की जांच करे, और थाने के कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे।

पहली बार बंद आरोपी पर विशेष ध्यान: अगर कोई आरोपी पहली बार किसी मामले में बंद हुआ है, तो थाना प्रभारी से उसे लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पूछताछ और सुरक्षा पर ध्यान देना आवश्यक है।

वस्त्रों या अन्य वस्तुओं का दुरुपयोग रोकना: हवालात में ऐसी कोई वस्तु न हो, जिसका आरोपी दुरुपयोग कर सके।

बीमार, नशाखोर, या घायल आरोपी पर विशेष ध्यान: गंभीर रूप से बीमार, नशाखोर, या घायल आरोपियों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष ध्यान रखा जाए। जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जाए।

जहरीले जीव-जंतुओं से सुरक्षा: हवालात में जहरीले जीव-जंतु न आने की संभावना को भी जांचना आवश्यक है।

रात की गश्त में जांच: रात में गश्त करने वाले अधिकारी थानों पर जाकर जांच करेंगे कि हवालात में आरोपियों की स्थिति कैसी है।

कैमरों की निगरानी: यदि हवालात में कैमरे नहीं लगे हैं, तो उन्हें तुरंत लगवाया जाए। हेड मोहर्रिर और अन्य पुलिसकर्मी लगातार कैमरों पर नजर बनाए रखें।

आरोपियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना: हवालात में या कोर्ट या अस्पताल जाते समय आरोपियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि वे भाग न सकें।इन नए दिशा-निर्देशों का उद्देश्य हवालात में आरोपियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और थानों में होने वाली किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।

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