खबरवाणी
सत्ता के दुरुपयोग……..नियमों को ताक पर रख पंचायत भवन में ‘पॉलिटिकल पाठशाला’,
सरकारी दफ्तर बना भाजपा का चुनावी अखाड़ा
आमला । छावल में सरकारी मर्यादा तार-तार; विधायक और जिला प्रभारी की मौजूदगी में पंचायत कार्यालय में हुई संगठन की बैठक, फोटो वायरल होने पर उठे सवाल
आमला। लोकतंत्र में सरकारी संस्थान निष्पक्षता का प्रतीक होते हैं, लेकिन आमला विधानसभा के ग्राम छावल में एक ऐसा वाकया सामने आया है जिसने प्रशासनिक मर्यादाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ भाजपा संगठन द्वारा आगामी कार्यक्रमों और कार्ययोजनाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, लेकिन इसके लिए किसी निजी भवन या पार्टी कार्यालय के बजाय शासकीय ग्राम पंचायत कार्यालय को चुना गया। सरकारी कुर्सी-मेजों पर बैठकर हुई इस सियासी चर्चा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होते ही क्षेत्र में चर्चाओं और विवादों का बाजार गर्म हो गया है।
विधायक और जिला प्रभारी की मौजूदगी में हुई बैठक
शुक्रवार को आयोजित इस संयुक्त मासिक बैठक में भाजपा बोरदेही मंडल और नगर मंडल आमला के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें क्षेत्रीय विधायक डॉ. योगेश पंडागरे, भाजपा के जिला प्रभारी सुदर्शन गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष, नगर मंडल अध्यक्ष, और ग्रामीण मंडल अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे। सरकारी दफ्तर के भीतर पार्टी का झंडा और कार्यकर्ताओं की भीड़ देखकर ग्रामीण भी अचरज में पड़ गए।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई ‘सत्ता की धमक’
बैठक के बाद पदाधिकारियों ने बड़े उत्साह के साथ इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। जैसे ही यह जानकारी सार्वजनिक हुई कि बैठक पंचायत भवन के भीतर हुई है, लोगों ने इसे सत्ता का दुरुपयोग बताना शुरू कर दिया। वायरल पोस्टों पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है, जिसमें लोग पूछ रहे हैं कि क्या अब सरकारी कार्यालयों का उपयोग राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए किया जाएगा? विपक्ष ने भी इस मुद्दे को लपकते हुए इसे सरकारी मशीनरी का भगवाकरण करार दिया है।
नियमों की अनदेखी या जानबूझकर किया गया कृत्य?
प्रशासनिक नियमों के अनुसार, किसी भी शासकीय कार्यालय का उपयोग विशुद्ध रूप से राजनीतिक गतिविधियों या किसी दल विशेष की संगठनात्मक बैठक के लिए नहीं किया जा सकता। पंचायत भवन सार्वजनिक संपत्ति है, जिसका उपयोग केवल सरकारी कार्यों और जनहित की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए होना चाहिए। ऐसे में विधायक जैसे जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों की मौजूदगी में नियम विरुद्ध बैठक होना प्रशासन की लाचारी या सत्ता की हनक को दर्शाता है।
बैठक को लेकर विभागीय अधिकारी के कार्य प्रणाली पर उतरे सवाल
क्या स्थानीय प्रशासन ने पंचायत भवन में राजनीतिक बैठक की अनुमति दी थी?यदि अनुमति नहीं थी, तो क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी?क्या भाजपा संगठन के पास निजी भवनों का अभाव है जो उन्हें सरकारी कार्यालय का सहारा लेना
बैठक के संबंध में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष का भाजपा संगठन तीखा प्रहार
आमला ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष वीरेन्द्र भावसार ने छावल पंचायत कार्यालय में भाजपा संगठन की बैठक पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सत्ता के नशे में चूर भाजपा नेता नियमों को ताक पर रखकर शासकीय कार्यालयों का दुरुपयोग कर रहे हैं। सामान्य मुलाकात बताने वाले विधायक बताएं कि वहां कार्यकर्ताओं की भीड़ क्यों जुटी थी।
भाजपा संगठन की बैठक को लेकर क्षेत्रीय विधायक से की गई चर्चा
शुक्रवार को भाजपा संगठन की ग्राम पंचायत कार्यालय छावल में हुई बैठक को लेकर क्षेत्रीय विधायक से चर्चा में बैठक के संदर्भ चर्चा किए जाने पर गोल-गोल जवाब देते हुए सरपंच की से मामूली मुलाकात बताया जा रहा है टालते नजर आए
इनका कहना है
बोरदेही भाजपा मंडल अध्यक्ष
यशवंत यादव
बैठक के संबंध में मुझे किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं है





