केन्द्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) ने सांसदों सहित विवेकाधीन कोटे के तहत होने वाले सभी दाखिलों पर फिलहाल रोक लगा दी है। सभी केन्द्रीय विद्यालयों को भेजी गई चिट्ठी के अनुसार, सभी आरक्षणों को समीक्षा के मद्देनजर स्थगित किया गया है।
जो लोग केंद्रीय विद्यालयों में अपने बच्चों को एडमिशन सांसद या जिलाधिकारियों को मिलने वाले विवेकाधीन कोटे से करना चाहते हैं उनके लिए बुरी खबर है। केन्द्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) ने सांसदों सहित विवेकाधीन कोटे के तहत होने वाले सभी दाखिलों पर फिलहाल रोक लगा दी है। सभी केन्द्रीय विद्यालयों को भेजी गई चिट्ठी के अनुसार, सभी आरक्षणों को समीक्षा के मद्देनजर स्थगित किया गया है।
गौरतलब है कि शिक्षण सत्र 2022-23 के लिए दाखिला जून 2022 तक जारी रहने वाला है। चिट्ठी में कहा गया है, ‘‘नयी दिल्ली स्थित केवीएस मुख्यालय के निर्देशानुसार, आपको सूचित किया जाता है कि अगले आदेश तक विशेष प्रावधानों के तहत कोई दाखिला ना किया जाए।’’ इन विशेष प्रावधानों के तहत सांसदों को एक केवी में 10 बच्चों के दाखिले की सिफारिश करने का विवेकाधीन अधिकार प्राप्त है।
जिला मजिस्ट्रेट को भी 17 छात्रों के दाखिले की सिफारिश करने का अधिकार है। भाजपा सांसद सुशील मोदी ने बृहस्पतिवार को ट्वीट कर इस फैसले का दावा किया और दावा किया कि इससे देश भर के केन्द्रीय विद्यालयों में करीब 30,000 सीट उपलब्ध होंगी।






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