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बूंद-बूंद पानी को तरसता करौली, भीषण गर्मी में ग्रामीणों का धैर्य जवाब देने लगा
बुरहानपुर। जिले से लगभग 40 से 45 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम करौली इन दिनों गंभीर जल संकट से जूझ रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि ग्रामीणों को पीने तक का पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। तेज गर्मी और तपती धूप के बीच पानी के लिए घंटों इंतजार करना अब ग्रामीणों की मजबूरी बन गया है। स्थिति यह है कि लोग सुबह से ही बर्तन लेकर लाइन में लग जाते हैं, लेकिन फिर भी सभी को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा।
ग्राम करौली में जल संकट कोई नई समस्या नहीं है, लेकिन इस बार गर्मी बढ़ने के साथ हालात और भी विकट हो गए हैं। गांव के हैंडपंप सूख चुके हैं और जो कुछ बचे हैं, उनमें भी पानी बहुत कम मात्रा में निकल रहा है। कई स्थानों पर तो हैंडपंप पूरी तरह जवाब दे चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे समय और श्रम दोनों की भारी बर्बादी हो रही है।
महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। सुबह से लेकर दोपहर की तेज धूप तक महिलाएं पानी भरने के लिए कतार में खड़ी रहती हैं। कई बार पानी की बारी को लेकर आपसी विवाद की स्थिति भी बन जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि कई परिवारों को एक दिन में मुश्किल से दो से तीन बाल्टी पानी ही मिल पा रहा है, जिससे पीने, खाना बनाने और अन्य जरूरी कामों में भारी दिक्कत हो रही है।
भीषण गर्मी ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। तापमान लगातार बढ़ रहा है और ऐसे में पानी की कमी स्वास्थ्य पर भी असर डाल रही है। छोटे बच्चे और बुजुर्ग विशेष रूप से परेशान हैं। ग्रामीणों को डर है कि अगर जल्द ही कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो स्थिति और बिगड़ सकती है और यह संकट किसी बड़ी समस्या का रूप ले सकता है।
ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी साफ नजर आ रही है। उनका कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कुछ स्थानों पर टैंकर से पानी सप्लाई की मांग भी की गई है, लेकिन वह भी नियमित रूप से नहीं हो पा रही।
गांव के लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पानी की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि तुरंत राहत नहीं दी गई, तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने यह भी आग्रह किया है कि दीर्घकालिक समाधान के लिए नई पाइपलाइन, ट्यूबवेल या जल परियोजनाओं पर काम शुरू किया जाए, ताकि हर साल आने वाले इस संकट से स्थायी रूप से निजात मिल सके।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि करौली गांव में जल संकट अब एक गंभीर मानवीय समस्या का रूप ले चुका है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में हालात और भी भयावह हो सकते हैं। प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि वह जल्द से जल्द प्रभावी कदम उठाकर ग्रामीणों को राहत प्रदान करे।






