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आज युवा पीढ़ी धर्म पर नही चली तो आने वाली पीढ़ी संस्कारो से दूर हो जाएगी -देवकी नंदन ठाकुर
मुलताई।पवित्र नगरी में मेला ग्राउंड पर चल रही श्रीमद भागवत कथा के पांचवे दिन देश के प्रसिद्ध कथा वाचक देवकी नंदन ठाकुर ने गिरिराज कथा सुनाई इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग भी लगाए। कथा सुनाते हुए श्री ठाकुर ने युवा पीढ़ी को सीख दी।उन्होंने कहा कि आज का युवा धर्म एवं संस्कार से दूर होते जा रहा,उन्होंने युवाओ को सीख देते हुए पूछा कि हमें पूजा किस दिशा में मुंह कर करना चाहिए लेकिन कोई उत्तर नही मिलने पर बताया जब भी भगवान की पूजा करना है,उत्तर दिशा की ओर मुंह कर करना चाहिए, यदि आभाव हो तो पूर्व की दिशा में मुंह कर पूजा की जा सकती है। पितृ पूजा दक्षिण दिशा की ओर मुंह कर करना चाहिए। नीला एवं काला कपड़ा पहनकर पूजा या कथा में नही जाना चाहिए, बिना धुले वस्त्र पहनकर पूजा नही करनी चाहिए। घरों में शालीग्राम, शंख एवं तुलसी एक साथ विराजमान रहना चाहिए, जिससे भगवान बहुत प्रसन्न रहते है,शालीग्राम एवं शंख एक क्षण भी तुलसी से अलग नहीं रहना चाहिए, शालीग्राम के आसन एवं ऊपर तुलसी एवं शंख के मध्य में तुलसी रहना चाहिए,शालीग्राम का पूजन घर के पुरुषो को करना चाहिए, उन्होने कहा कि मै युवा पीढ़ी को इसलिए समझा रहा हूं,यदि आज आप धर्म पर नही चले तो आने वाली पीढ़ी धर्म एवं संस्कारो से दूर हो जाएगी। उन्होंने कहा पहले पुरुषो की भी चोटी होती थी, जो अब भी होना चाहिए एवं बंधी होना चाहिए,उन्होने कहा की इस 70 साल में वालीवुड ने सनातन धर्म को बहुत नुकसान पहुंचाया है, जिसका परिणाम घर परिवार टूट रहे है, उन्होने महिलाओ को सीख देते हुए कहा की महिलाओ को रसोई, मंदिर एवं विवाह समारोह में बाल खोलकर नही जाना चाहिए। जिससे परिवार टूटते है,उन्होने द्रोपदी के खुले बालो को महाभारत का कारण बताया। उन्होंने कहा विवाह समारोह में कई महिलाए बाल खोलकर चली जाती है, जिससे कई परिवार टूट रहे है, महिलाओ एवं पुरुषो को अपनी चोटी बांधकर रखना चाहिए।जिसके बाद उन्होंने गिरिराज कथा सुनाई।





