Heatwave Alert: हमारे शरीर का सामान्य तापमान लगभग 37°C होता है। इस स्तर तक शरीर खुद को बैलेंस रख लेता है। पसीना निकलकर बॉडी को ठंडा करता है, जिसे Thermoregulation कहा जाता है। लेकिन जैसे-जैसे बाहर की गर्मी बढ़ती है, शरीर की यह कूलिंग सिस्टम कमजोर पड़ने लगती है।
40°C के बाद दिखने लगते हैं असर
जब तापमान 40°C के पार जाता है, तब शरीर पर इसका सीधा असर दिखने लगता है। चक्कर आना, कमजोरी, सिर भारी लगना और ज्यादा थकान जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। ऐसे में अगर आप लंबे समय तक धूप में रहते हैं तो हालत और बिगड़ सकती है।
45°C पर बढ़ जाता है खतरा
अगर तापमान 45°C के आसपास पहुंच जाए तो ये बेहद खतरनाक स्थिति बन जाती है। इस समय शरीर का अंदरूनी तापमान भी तेजी से बढ़ सकता है। अगर बॉडी टेम्परेचर 40°C के ऊपर चला जाए तो यह Heatstroke का संकेत हो सकता है, जो जानलेवा भी बन सकता है।
हीटस्ट्रोक क्या है और क्यों खतरनाक है
हीटस्ट्रोक तब होता है जब शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता। इसके लक्षण हैं—तेज सिरदर्द, उल्टी, बेहोशी, ज्यादा या बिल्कुल पसीना न आना। अगर समय पर इलाज न मिले तो ये शरीर के अहम अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है और जान का खतरा भी बन सकता है।
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बचाव के आसान देसी उपाय
गर्मी से बचने के लिए दिनभर खूब पानी पिएं, खाली पेट धूप में बाहर न निकलें और दोपहर की तेज धूप से बचें। हल्के-ढीले कपड़े पहनें, सिर ढककर निकलें और नींबू पानी या छाछ जैसे देसी ड्रिंक लें।





