कड़क धूप में डार्क रंग क्यों होते हैं खतरनाक?
गर्मियों की तेज धूप और लू में काले, गहरे नीले, डार्क ब्राउन जैसे रंग पहनना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ये रंग सूरज की किरणों को ज्यादा सोख लेते हैं, जिससे शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है। नतीजा यह होता है कि पसीना ज्यादा आता है, थकान बढ़ती है और शरीर अंदर से गर्म होने लगता है। लंबे समय तक ऐसे कपड़े पहनने से हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ सकता है, इसलिए धूप में इन गहरे रंगों से बचना ही समझदारी है।
हल्के रंग क्यों रखते हैं शरीर को ठंडा?
गर्मी में सफेद, हल्का पीला, आसमानी नीला और क्रीम जैसे हल्के रंग सबसे अच्छे माने जाते हैं। ये रंग सूरज की रोशनी को रिफ्लेक्ट करते हैं, जिससे शरीर पर गर्मी कम पड़ती है। ऐसे कपड़े पहनने से शरीर ठंडा रहता है, पसीना कम आता है और धूप में ज्यादा देर तक रहने पर भी बेचैनी महसूस नहीं होती। इसलिए देसी तरीके से कहें तो “हल्के रंग, ठंडी राहत”।
सही कपड़े का फैब्रिक भी है बहुत जरूरी
सिर्फ रंग ही नहीं, बल्कि कपड़े का फैब्रिक भी गर्मी से बचाव में बड़ा रोल निभाता है। गर्मियों में कॉटन, लिनन और खादी जैसे हल्के और ढीले कपड़े पहनना सबसे बेहतर होता है। ये फैब्रिक हवा को पास होने देते हैं, जिससे शरीर को सांस लेने जैसी राहत मिलती है। टाइट और सिंथेटिक कपड़े गर्मी में परेशानी बढ़ा देते हैं और शरीर को चिपचिपा बना देते हैं।
लू और हीटवेव के दौरान शरीर पर असर
तेज गर्म हवाएं और हीटवेव शरीर को बहुत जल्दी प्रभावित करती हैं। ज्यादा पसीना आना, सिर दर्द, चक्कर आना, कमजोरी और शरीर का जलना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में तुरंत छांव में बैठना, पानी पीना और शरीर को ठंडा रखना जरूरी है। लापरवाही करने पर हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या हो सकती है, जो जानलेवा भी साबित हो सकती है।
गर्मी से बचाव के देसी और आसान उपाय
गर्मी से बचने के लिए देसी नुस्खे भी काफी असरदार हैं। ज्यादा से ज्यादा पानी, नींबू पानी और छाछ पीते रहें। धूप में बाहर निकलते समय सिर को कपड़े या टोपी से ढकें। हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें और भारी धूप में बेवजह बाहर जाने से बचें। सही कपड़ों और थोड़ी सावधानी से आप हीटवेव के असर को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
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