Electricity Farming – बिजली के झटकों से होगी खेती आसान 

इस नए तरीके से आएगी खेती में चौथी क्रांति 

Electricity Farmingआज के इस मॉडर्न युग में सब कुछ आधुनिक हो गया है इसी तरह अब खेती में भी आधुनिक उपकरण इस्तेमाल होने लगे हैं लेकिन क्या आपको मालूम है की खेती मे बिजली के झटकों का इस्तेमाल किया जा रहा है अगर नहीं तो आज हम आपको बताने वाले हैं। नित नए प्रयोग आए दिन होते रहते हैं जिससे की एक नई क्रांति की शुरुआत हो सके। ऐसा ही कुछ हुआ खेती के क्षेत्र में जहाँ वैज्ञानिकों ने एक नया समाधान खोज निकाला है फ़िलहाल इस प्रयोग को छोटे स्तर पर ही शुरू किया गया है मगर जल्द ही इसे बड़े पैमाने पर भी शुरू किया जा सकता है। 

दरअसल, वैज्ञानिकों ने नई तरह की खेती तकनीक विद्युत बागवानी की दिशा में कई प्रयोग किए हैं. कई देशों में शोधकर्ता पर्यावरणीय असर को कम करते हुए कृषि पद्धतियों में क्रांति लाने के लिए बिजली की क्षमता की खोज कर रहे हैं. कुछ लोग इसे ‘चौथी कृषि क्रांति’ भी कह रहे हैं। 

फसलों को दिए जाते हैं बिजली के झटके | Electricity Farming 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इंपीरियल कॉलेज लंदन में प्लांट मॉर्फोजेनेसिस प्रयोगशाला में एक परियोजना के तहत वर्टिकल फार्मिंग को बदलने के लिए इलेक्ट्रोड से युक्त हाइड्रोजेल क्यूब्स का इस्‍तेमाल किया जा रहा है. इन ट्रांसल्‍यूसेंट क्यूब्स में मौजूद नेटवर्क स्‍ट्रक्‍चर तरलता को बरकरार रखता है, जिसमें छोटी एयर टनल्‍स से हरी पत्तियां निकलती हैं. प्रयोग के तहत हाइड्रोजेल क्यूब्स में बिजली के झटकों की छोटी-छोटी खुराक दी जा रही है। 

ये देश कर रहे हैं नए प्रयोग 

चीन जैसे देश उन कृषि परियोजनाओं में निवेश कर रहे हैं, जो मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाने और फसल की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजली का इस्‍तेमाल करते हैं. वहीं, कनाडाई उत्पादक सलाद जैसी फसलों में ज्‍यादा पैदावार के लिए ठंडे प्लाज्मा के साथ प्रयोग कर रहे हैं. स्विट्जरलैंड में विवेंट स्टार्टअप कृषि उद्योग और जैविक बागवानी समुदायों का ध्यान खींच रहा है. ये स्‍टार्टअप पौधों की विद्युत प्रतिक्रियाओं की निगरानी करने के लिए तकनीक विकसित कर रहा है। 

पैदावार में हुई बढोतरी | Electricity Farming 

विद्युत कृषि का सबसे आकर्षक पहलू फसल की पैदावार बढ़ाने की क्षमता है. अब तक अध्‍ययनों में वैज्ञानिकों को उत्‍साहजनक नतीजे हासिल हुए हैं. फसल के आधार पर पैदावार में 20 से 75 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. उदाहरण के लिए, एक मिनट से भी कम समय तक बीजों को ठंडे प्लाज्मा से ट्रीटमेंट देने से आलू की पैदावार में 40 फीसदी की वृद्धि हुई. विद्युत कृषि को लेकर उत्साह के बावजूद कुछ लोग इसके विरोध में हैं। 

Source – Internet 

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