Donald Trump ने एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लेते हुए दवाओं (Medicines) पर 100% टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है। इसमें पेटेंटेड दवाएं भी शामिल हैं। देसी भाषा में समझें तो—“अब विदेश से आने वाली महंगी दवाएं और महंगी पड़ेंगी”।
किन देशों पर पड़ेगा असर?
यह टैरिफ उन देशों पर लागू होगा, जिन्होंने अमेरिका के साथ ‘Reshoring’ या MFN (Most Favored Nation) एग्रीमेंट साइन नहीं किया है। इसमें भारत जैसे देश भी शामिल हो सकते हैं। यानी भारतीय फार्मा कंपनियों को इसका सीधा झटका लग सकता है।
अमेरिका का क्या है मकसद?
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के मुताबिक, इस फैसले का मकसद अमेरिका को दवाओं के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है। “बाहर पर निर्भरता कम, अपने देश में उत्पादन ज्यादा”—यही ट्रंप सरकार की रणनीति है।
जनरिक दवाओं को फिलहाल राहत
अभी के लिए जनरिक दवाओं (Generic Drugs) को इस टैरिफ से छूट दी गई है, जो भारत के लिए राहत की बात है। लेकिन सरकार ने साफ कहा है कि अगर कंपनियां जल्द उत्पादन अमेरिका में शिफ्ट नहीं करतीं, तो आगे इन पर भी टैक्स लगाया जा सकता है। “अभी राहत, आगे खतरा”।
मेटल्स पर मिली थोड़ी राहत
दूसरी तरफ मेटल इंडस्ट्री को थोड़ी राहत दी गई है। जिन प्रोडक्ट्स में मेटल 15% से कम है, उन पर अलग से टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन अगर मेटल की मात्रा 15% से ज्यादा है, तो पूरे प्रोडक्ट पर 25% ड्यूटी लगेगी। “यानी नियम आसान, लेकिन शर्तें लागू”।




