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मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप, जनप्रतिनिधियों व प्रशासन के प्रयासों से टला बुरहानपुर का बड़ा जल संकट-अर्चना चिटनिस

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खबरवाणी

मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप, जनप्रतिनिधियों व प्रशासन के प्रयासों से टला बुरहानपुर का बड़ा जल संकट-अर्चना चिटनिस

बुरहानपुर। विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) सहित जनप्रतिनिधियों की सक्रिय पहल, मुख्यमंत्री कार्यालय के त्वरित हस्तक्षेप तथा जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन की तत्परता से बुरहानपुर में गहराता बड़ा जल संकट फिलहाल टल गया है। शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने जनप्रतिनिधियों-अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा करते हुए आगामी कार्ययोजना को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल, कलेक्टर हर्षसिंह, जिला पंचायत सीईओ सृजन वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ.मनोज माने, शाहपुर नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि वीरेन्द्र तिवारी, जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप पाटिल, पूर्व महापौर अतुल पटेल, चिंतामन महाजन एवं नगर निगमायुक्त संदीप श्रीवास्तव सहित अन्य जनप्रतिनिधि व संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।
श्रीमती चिटनिस ने बताया कि 8 मई 2026 को कलेक्टर बुरहानपुर एवं नगर निगम प्रशासन द्वारा उन्हें अवगत कराया गया था कि बसाड़ स्थित ताप्ती एनीकट में मात्र 10 दिनों के लिए ही पानी शेष है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसी दिन जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए। कलेक्टर बुरहानपुर द्वारा प्रमुख सचिव, जल संसाधन विभाग को अर्द्धशासकीय पत्र भेजकर बैतूल जिले के पारसडोह बांध से पानी छोड़ने का आग्रह किया गया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय के माध्यम से तत्काल हस्तक्षेप कराते हुए जल संसाधन विभाग को निर्देश दिलाए गए, जिसके परिणामस्वरूप 8 मई की रात 10 बजे पारसडोह बांध से नियंत्रित रूप से पानी छोड़ा गया। कल रात्रि तक यह पानी घोघरा घाट तक पहुँच चुका है और वर्तमान में ग्राम देड़तलाई से 80-90 किमी दूर है तथा बसाड़ एनीकट, बुरहानपुर तक पहुँचने में लगभग 4 से 5 दिन का समय लगेगा।
बुरहानपुर नगर निगम क्षेत्र की पेयजल प्रदाय व्यवस्था मध्यप्रदेश शहरी विकास कंपनी द्वारा निजी कंपनी जेएमसी-रेमकी के माध्यम से संचालित की जाती है। 8 मई को सुबह परियोजना प्रबंधक द्वारा नगर निगम आयुक्त को जानकारी दी गई थी कि बसाड़ एनीकट में जल संग्रहण तेजी से कम हो रहा है। इसके बाद नगर निगम प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने तत्काल स्थल निरीक्षण कर वैकल्पिक जल व्यवस्था प्रारंभ की।
शहर में जलापूर्ति बनाए रखने के लिए दैयत एनीकट एवं नेपानगर एनीकट के गेट खोलकर पानी छोड़ा गया है। इसके साथ ही उतावली-1 संपवेल को प्रारंभ कर दो टंकियों को भरा जा रहा है, जबकि शाहदरा स्थित नलकूपों के माध्यम से लालबाग क्षेत्र में जलापूर्ति की जा रही है। कई वार्डों में स्थानीय नलकूप भी प्रारंभ किए गए हैं, जिससे नागरिकों को राहत मिली है।
श्रीमती चिटनिस ने बताया कि बसाड़ एनीकट के ऊपरी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और रेलवे द्वारा पुल निर्माण कार्यों के लिए बनाए गए अस्थायी बांधों के कारण एनीकट में अपेक्षित जल संग्रहण नहीं हो पाया, जिससे यह स्थिति निर्मित हुई। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को अस्थायी बांध हटाने के निर्देश दिए गए हैं और इस दिशा में युद्धस्तर पर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। रेलवे के अस्थायी बांध को हटाने के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि समय रहते संकट का आकलन कर, अंतरविभागीय समन्वय स्थापित करते हुए शासन स्तर, जिला प्रशासन और नगर निगम पर किए गए समन्वित प्रयासों से शहर को गंभीर जल संकट से बचाया जा सका है।
श्रीमती चिटनिस ने नागरिकों से पानी बचाने की अपील करते हुए कहा कि यह संकट समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी है। पानी का दुरुपयोग रोकना और जल संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना अब समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

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