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बोरदेही रेलवे स्टेशन हत्याकांड का पर्दाफाश: मुख्य आरोपी समेत सभी 8 गिरफ्तार।
आमला। जीआरपी आमला ने बोरदेही रेलवे स्टेशन पर हुए चर्चित सामूहिक हत्याकांड का सफल खुलासा कर लिया है। पुलिस ने मामले में शामिल सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्याकांड के मुख्य आरोपी सागर धुर्वे को भोपाल के जहांगीराबाद क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद मामले के सभी आरोपी पुलिस की पकड़ में आ गए हैं।
क्या था मामला?
पुलिस के अनुसार, 1 जून 2026 को बोरदेही रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर एक अज्ञात युवक का शव मिला था। जांच में मृतक की पहचान अली खान, निवासी परतला (जिला छिंदवाड़ा) के रूप में हुई। विवेचना में खुलासा हुआ कि ट्रेन क्रमांक 19344 में यात्रा के दौरान परासिया स्टेशन पर अली खान का सागर धुर्वे से विवाद हुआ था। इसके बाद बोरदेही स्टेशन पहुंचने पर सागर और उसके साथियों ने अली खान को ट्रेन से नीचे उतारा और लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई।
ऐसे हुई गिरफ्तारी
घटनास्थल निरीक्षण, तकनीकी विश्लेषण, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर जीआरपी आमला ने अपराध क्रमांक 87/26, धारा 103(1), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया था। घटना के मात्र छह घंटे के भीतर पुलिस ने चार आरोपियों—कन्हैया उर्फ काली, अयान खान, अमित उर्फ जीनू उबनारे एवं नवीन पाटिल को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद, फरार आरोपियों—कमलेश उईके उर्फ बाबा रामदेव, अंकुश कोराईक तथा एक विधि-विरुद्ध बालक को 12 जून को तमिलनाडु के डंडीगुल से साइबर सेल की मदद से पकड़ा गया। अंत में, मुख्य आरोपी सागर पिता राजेंद्र धुर्वे (25 वर्ष) निवासी मेहरा मोहल्ला, बोरदेही को भोपाल से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में रेल पुलिस अधीक्षक भोपाल अंकित जायसवाल (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतू डावर एवं उप पुलिस अधीक्षक महेंद्र सिंह कुल्हारा के मार्गदर्शन में पुलिस टीम जुटी रही। कार्रवाई में उपनिरीक्षक प्रमोद पाटिल, सहायक उपनिरीक्षक सुरेश दाते, प्रधान आरक्षक रविश यादव, दिलीप रघुवंशी, कुलदीप, आरक्षक अनिल कुमरे, कमलेश कौशल, पवन यादव तथा साइबर सेल के अमित सक्सेना, संतोष पटेल, अरविंद पटेल एवं कंट्रोल रूम भोपाल के देवेंद्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।





