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64 किलोमीटर मोटरसाइकिल पर सेवा यात्रियों के साथ चलीं अर्चना चिटनिस, सेवा संकल्प यात्रा मे उत्साहपूर्ण स्वागत,पौधरोपण-गौसेवा के साथ युवाओं ने लिया सेवा का संकल्प
बुरहानपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन में जनसेवा एवं राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत वाराणसी से बड़नगर की ओर निकली ‘जल, जन एवं सेवा संकल्प यात्रा’ का प्रवेश के साथ ही स्थान पर उत्साहपूर्ण एवं आत्मीय स्वागत किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहर तक यात्रा के प्रति नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। साथ ही नेपागनर में सेवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वर्चुअली संबोधन देखा व सुना। विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने भी यात्रा में सक्रिय सहभागिता करते हुए सेवा यात्रियों के साथ लगभग 64 किलोमीटर की दूरी मोटरसाइकिल पर सवार होकर तय की।
इस अवसर पर सेवा संवाद कार्यक्रम में नेपानगर विधायक सुश्री मंजू दादू, कलेक्टर हर्षसिंह, जिला पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागड़ी, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ.मनोज माने, महापौर श्रीमती मधुरी अतुल पटेल, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा कास्डेकर, जिला पंचायत अध्यक्ष गंगाराम मार्काे, चिंतामन महाजन, ईश्वर चौहान, संजय जाधव, नरहरी दीक्षित, सुभानसिंह चौहान एवं भरत रावल सहित जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे
कमलखेड़ा से शहर तक बाइक रैली में शामिल हुईं अर्चना चिटनिस
बुरहानपुर जिले में यात्रा के प्रवेश अवसर पर ग्राम दवाटिया के कमलखेड़ा में नागरिकों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा यात्रा का आत्मीय स्वागत किया गया। यहां श्रीमती अर्चना चिटनिस ने सेवा यात्रियों एवं कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया। इसके बाद वे स्वयं मोटरसाइकिल पर सवार होकर यात्रा में शामिल हुईं और सेवा यात्रियों के साथ लगभग 64 किलोमीटर तक बाइक रैली में सहभागिता करते हुए बुरहानपुर शहर तक पहुंचीं। श्रीमती चिटनिस की बाइक रैली में सहभागिता के दौरान युवाओं और कार्यकर्ताओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में युवा मोटरसाइकिलों के साथ यात्रा में शामिल हुए और सेवा संकल्प के संदेश को आगे बढ़ाया। यात्रा के मार्ग में अनेक स्थानों पर नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा कर सेवा यात्रियों का आत्मीय अभिनंदन किया। यात्रा के स्वागत के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विभिन्न स्थानों पर स्वागत, पुष्पवर्षा और स्थानीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से यात्रा का अभिनंदन किया गया। इससे पूरे मार्ग में सेवा और जनभागीदारी का वातावरण दिखाई दिया।
सेवा यात्रियों के साथ पौधरोपण और गौसेवा
जल, जन एवं सेवा संकल्प यात्रा’ के दौरान सेवा, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। श्रीमती अर्चना चिटनिस ने सेवा यात्रियों के साथ पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि एक पौधा केवल प्रकृति के लिए योगदान नहीं, बल्कि आने वाली पीढि़यों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की दिशा में उठाया गया कदम है। ग्राम सारोला स्थित गौशाला में गो-पूजन किया गया। इस अवसर पर पशु स्वास्थ्य शिविर में भी सहभागिता की गई। गौसेवा के माध्यम से भारतीय संस्कृति में निहित सेवा और संवेदना के भाव को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उनके योगदान को नमन किया गया। उनके आदर्शों और राष्ट्र के प्रति समर्पण को स्मरण करते हुए समाज एवं राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लिया गया। वहीं मां ताप्ती का पूजन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की गई
सेवा को जीवन का संस्कार बनाना ही यात्रा का उद्देश्य’-अर्चना चिटनिस
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि ‘जल, जन एवं सेवा संकल्प यात्रा’ केवल एक बाइक रैली नहीं है, बल्कि सेवा को जनभागीदारी से जोड़ने वाला व्यापक जनअभियान है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन से प्रेरणा लेते हुए यह यात्रा समाज के प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्रनिर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने सेवा को युवा और युवा को सेवा का पर्याय बना दिया है। आज देश का युवा अपनी ऊर्जा, सामर्थ्य और प्रतिभा को समाज एवं राष्ट्रहित के कार्यों में लगाने के लिए आगे आ रहा है। सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान, गौसेवा और जनकल्याण के विभिन्न कार्यों में युवाओं की बढ़ती भागीदारी सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का आधार बन रही है। उन्होंने कहा कि बुरहानपुर में यात्रा के दौरान युवाओं का उत्साह विशेष रूप से देखने को मिला। 64 किलोमीटर की बाइक यात्रा में सेवा यात्रियों के साथ सहभागिता केवल यात्रा का हिस्सा बनना नहीं, बल्कि सेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का संदेश है। जब युवा स्वयं सेवा गतिविधियों में सहभागी बनते हैं तो सेवा का भाव समाज के अन्य वर्गों तक भी पहुंचता है।
सेवा, संस्कार और राष्ट्रभावना का सुंदर समन्वय
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि यात्रा के दौरान पौधरोपण, गौसेवा, महापुरुषों का स्मरण और मां ताप्ती का पूजन जैसे कार्यक्रमों में सेवा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रभावना का सुंदर समन्वय दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि मां ताप्ती बुरहानपुर की जीवनधारा होने के साथ हमारी आस्था, संस्कृति और प्रकृति की पहचान हैं। मां ताप्ती का पूजन केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि हमें अपने जलस्रोतों और पर्यावरण के संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का भी स्मरण कराता है। आने वाली पीढि़यों के लिए जल और प्रकृति को सुरक्षित रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि उनके जीवन, संघर्ष और आदर्शों को स्मरण करते हुए अपने दायित्वों के निर्वहन का संकल्प भी है। उनके विचारों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के लिए सकारात्मक योगदान देना ही उनके प्रति सच्चा सम्मान है। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि सेवा के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की आवश्यकता नहीं होती। एक पौधा लगाना, किसी जरूरतमंद की सहायता करना, गौसेवा करना, स्वच्छता में योगदान देना, जलस्रोतों की रक्षा करना या समाजहित के किसी कार्य में अपना समय देनाकृये छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े सामाजिक परिवर्तन का आधार बनते हैं। उन्होंने कहा कि आवश्यकता इस बात की है कि सेवा किसी एक दिन, किसी एक कार्यक्रम अथवा किसी एक अभियान तक सीमित न रहे, बल्कि हमारे जीवन का स्थायी संस्कार बने। जब सेवा का भाव जनभागीदारी के साथ जुड़ता है, तो समाज में सकारात्मक ऊर्जा का निर्माण होता है और राष्ट्रनिर्माण की यात्रा अधिक व्यापक एवं सार्थक बनती है।
श्रीमती चिटनिस ने कहा कि बुरहानपुर में ‘जल, जन एवं सेवा संकल्प यात्रा’ को मिल रहा आत्मीय स्नेह और उत्साह इस बात का परिचायक है कि नागरिक सेवा एवं जनभागीदारी के ऐसे प्रयासों से जुड़ने के लिए सदैव तत्पर हैं। उन्होंने जिले के नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं कार्यकर्ताओं का यात्रा के आत्मीय स्वागत और सक्रिय सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बुरहानपुर में यात्रा का स्वागत केवल एक यात्रा का अभिनंदन नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प का स्वागत है। यह जनभागीदारी सेवा के भाव को आगे बढ़ाते हुए समाज में नई ऊर्जा और सकारात्मक दिशा प्रदान करेगी।





