खबरवाणी
मध्य प्रदेश शासन के खिलाफ आमला कांग्रेस का आक्रामक रुख:
स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं, भ्रष्टाचार पर मौन और एसडीएम की निष्क्रियता पर कलेक्टर को सौंपा अल्टीमेटम
आमला
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ आमला में सियासी पारा चढ़ गया है। शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा आमला क्षेत्र की जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और प्रशासनिक भ्रष्टाचार को लेकर सीधे बैतूल कलेक्टर को एक तीखा ज्ञापन सौंपा गया है। कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी, तो शासन-प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा।
शासन और प्रशासन पर उठे बड़े सवाल
स्वास्थ्य व्यवस्थाएं वेंटिलेटर पर:
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आमला में बदहाली का आलम यह है कि छोटी-छोटी बीमारियों और सामान्य जांच के लिए भी मरीजों को बैतूल रेफर किया जा रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस अनावश्यक रेफरल प्रथा पर तुरंत रोक लगाई जाए और महिलाओं के इलाज के लिए अस्पताल में कम से कम तीन महिला चिकित्सकों की तत्काल पदस्थापना की जाए।
एसडीएम की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप:
स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं की कई बार शिकायत करने के बावजूद आमला एसडीएम द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से जनता में भारी आक्रोश है। कांग्रेस नेताओं ने दोटूक कहा कि आखिर इस भ्रष्टाचार को किसका संरक्षण प्राप्त है, प्रशासन इस बात को सार्वजनिक करे।
जनपद पंचायत में वित्तीय भ्रष्टाचार:
जनपद पंचायत आमला के अंतर्गत दुकानों के निर्माण, आवंटन, नीलामी प्रक्रिया और इससे जुड़े वित्तीय लेन-देन में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगाए गए हैं, जिसकी उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
पत्रकारों की स्वतंत्रता पर हमला:
शासनकाल में पत्रकारों के विरुद्ध दर्ज किए जा रहे मामलों और एफआईआर की निष्पक्ष समीक्षा की मांग करते हुए कहा गया कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को डराने और दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं की दोटूक चेतावनी
शहर कांग्रेस अध्यक्ष अजयसिंह सोलंकी, विजय अतुलकर, नीरज सोनी और युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष समेत तमाम वरिष्ठ नेताओं ने दोटूक शब्दों में कहा कि मध्य प्रदेश शासन की लचर व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत के कारण आमला की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है।
ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि यदि तय समयसीमा के भीतर सभी मामलों की पारदर्शी जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो शहर कांग्रेस आम जनता के हितों की रक्षा के लिए सड़क पर उतरकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
इस दौरान पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष शिवपाल सिंह ठाकुर, जिला प्रवक्ता विजय पारदी, शैलेन्द्र खातरकर, दीपक प्रदीप कोकाटे, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्य
कर्ता मौजूद रहे।





