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आदिवासी महिला से दुष्कर्म करने वाला आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार
मुलताई। थाना क्षेत्र में एक आदिवासी महिला से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस द्वारा 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने मे सफलता प्राप्त की है।टीआई विकास पटेल ने बताया पीड़िता ने थाने में उपस्थित होकर रिपोर्ट लिखाते हुए बताया बीते 2 दिन पहले 19 सितंबर 2026 की सुबह करीब 9:30 बजे से 10 बजे के बीच, वह अपने खेत में अकेली घास काट रही थी। घास काटते-काटते थक जाने पर वह खेत के पास सड़क किनारे लेंडिया के पेड़ के नीचे बैठकर पानी पी रही थी। उसी समय ढोडिया ढाना की तरफ से मोटरसाइकिल पर रवि सोनवाने आया और उसके पास गाड़ी रोकी। आरोपी ने सामान्य बातचीत के बाद फरियादिया से कहा कि “मेरी पत्नी बार-बार मायके चली जाती है, चल मैं तुझे बहुत दूर लेकर जाऊंगा, मेरे पास बहुत पैसे हैं।फरियादिया द्वारा यह कहने पर कि “मैं शादीशुदा हूं, तुम ऐसा क्यों बोल रहे हो? यहां से चले जाओ वरना मैं अपने पति को फोन करके बुलाती हूं। फरियादिया पीछे मुड़कर खेत की तरफ जाने लगी तो आरोपी उसके पीछे आया, उसे पीछे से पकड़कर मक्के के खेत में गिरा दिया और उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। आरोपी ने गला दबाकर धमकी दी कि “मैंने अब तेरे साथ ऐसा कर दिया है, अब तो तुझे मेरे साथ चलना ही पड़ेगा। इसी दौरान फरियादिया के फोन की घंटी बजी, तो आरोपी ने फोन छीनकर पत्थर पर पटक दिया जिससे फोन टूट गया। फरियादिया के बचाव के लिए चिल्लाने पर, सड़क से किसी मोटरसाइकिल की आवाज सुनकर आरोपी डरकर वहां से भाग गया। आरोपी रवि सोनवाने ने यह जानते हुए भी कि फरियादिया एक आदिवासी महिला है, उसके साथ जबरदस्ती गलत काम किया। फरियादिया की रिपोर्ट पर मुलताई पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ धारा 64(1) बीएनएस तथा 3(1)(w)(ii), 3(2)(v) एससी एसटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया।प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना स्तर पर विशेष पुलिस टीम का गठन किया सतत प्रयासों के फलस्वरूप प्राप्त सटीक सूचना के आधार पर प्रकरण के आरोपी रवि पिता लेखराम सोनवाने (उम्र 38 वर्ष, जाति साहू, निवासी ग्राम चिमनखापा, जिला पांढुर्णा) को उसके गांव चिमनखापा से घेराबंदी कर रविवार को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। उक्त कार्रवाई में टीआई विकास पटेल, उपनिरीक्षक मोनिका पटले, उपनिरीक्षक नितिन उइके, प्रधान आरक्षक सुनील पंद्राम,आरक्षक अभिषेक वाडिवा,आरक्षक विवेक चौरे तथा आरक्षक सेवाराम की सराहनीय भूमिका रही।





