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जर्जर टीन शेड दे रहा बड़े हादसे को न्योता, ग्रामीण जान जोखिम में डालकर कर रहे अंतिम संस्कार
आमला। मुख्य मार्ग पर स्थित मुक्तिधाम की छत का हिस्सा हवा में झूल रहा, वाहन चालकों और ग्रामीणों पर मंडरा रहा खतरा, कई शिकायतों के बाद भी पंचायत मौन
आमला। जनपद पंचायत आमला के अंतर्गत ग्राम पंचायत आवरिया इन दिनों शासन के विकास कार्य के दावों की जमीनी हकीकत बयां कर रहे हैं ग्राम में स्थित श्मशान घाट में शव दहन के लिए बने चबूतरे पर लगी थी टीन सेट की हालत स्वयं बयां कर रही है ग्रामीण शवों का अंतिम संस्कार मौत की साए कुछ करने के लिए मजबूर नजर आ रहे हैं जिसको लेकर कई शिकायत किए जाने के बाद में प्रशासन अपनी नींद से जगत नजर नहीं आ रहा है
शमशान घाट में जर्जर व्यवस्था को लेकर की गई चर्चा
स्थानीय ग्रामीणों द्वारा ग्राम में श्मशान घाट की जर्जर व्यवस्था को लेकर चर्चा में बताया कि एक विगत लगभग 1 साल से अधिक समय से शमशान घाट पर शव दहन चबूतरे पर बना टीन सेट जर्जर अवस्था में है जिसका कुछ हिस्सा तेज हवाओं के कारण टूटकर मुख्य मार्ग पर जाकर गिर गया था जिसको प्रभावित न हो इसके लिए उठाकर शमशान घाट के दूसरे साइड में रखा है कुछ ऐसा हवा में लटक रहा है जो कि किसी बड़े हादसे को आवाहन दे रहा है इस संबंध में स्थानीय प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों को श्मशान घाट मरम्मत करी हेतु शिकायत की जा चुकी है लेकिन विभागीय अधिकारी एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा शिकायत को अनदेखा करते नजर आ रहे हैं।
मार्ग से रोजाना आवागमन कर रहे हैं स्थानीय लोगों से की गई चर्चा
आवरिया आमला मार्ग से लगभग एक दर्जन से अधिक ग्रामों के लिए तहसील कार्यालय सही करने विभागों के कार्यालय संबंधित का यह मुख्य मार्ग है जो की आवरिया श्मशान घाट मुख्य मार्ग के बाजू में मैं स्थित है जो कि विगत लगभग 1 श्मशान घाट पर लगी टीन सेट जर्जर अवस्था में हवा में झूलता नजर आ रहा है कुछ माह पूर्व जर्जर अवस्था में झूम रहा टिन सेट तेज हवा के चलते मुख्य मार्ग पर आकर पर जाकर गिरा था लेकिन मार्ग पर उसे दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ जिसके बाद स्थानीय लोगों द्वारा टिन सेट का हुआ टुकड़ा सड़क से उठाकर चबूतरे के बाजू में रखा हुआ है एवं वर्तमान में कुछ हिस्सा अभी भी हवा में झूलती नजर आना है मार्ग से निकलने वाले वाहन चालकों एवं पैदल वाले ग्रामीणों के साथ किसी बड़ी घटना होने की आशंका आए दिन बनी हुई है लेकिन स्थानीय प्रशासन इसकी सुध तक नहीं लेता नजर आ रहा है
ग्रामीणों की शिकायत के बाद में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
पंचायत की उदासीनता: स्थानीय स्तर पर मरम्मत कार्यों के लिए मिलने वाले बजट का उपयोग न होना।
जिम्मेदारों की अनदेखी: मुख्य सड़क पर होने के बावजूद अधिकारियों द्वारा सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज करना।
सिस्टम का अभाव: शिकायत के बाद भी एस्टीमेट और फाइल वर्क के नाम पर देरी होना।
जिम्मेदार मौन, विकास के दावे हवा-हवाई
ग्रामीणों का आरोप है कि एक ओर सरकार गांवों के कायाकल्प और श्मशान घाटों के सौंदर्यीकरण पर करोड़ों रुपये खर्च करने की बात करती है, वहीं आवरिया पंचायत में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। जर्जर टीन शेड शासन की उदासीनता और पंचायत की लापरवाही का जीता-जागता प्रमाण है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस टीन शेड की मरम्मत नहीं कराई गई और कोई अप्रिय घटना हुई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर नए शेड निर्माण की मांग की है।






