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20% कमीशन का खेल? तारा पंचायत में विकास कार्यों पर ग्रामीणों का बड़ा हमला, विधायक से मांगी उच्च स्तरीय जांच
अधूरे निर्माण, घटिया गुणवत्ता और सरकारी राशि के दुरुपयोग के आरोप; विधायक को सौंपा ज्ञापन, सरपंच-सचिव व अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल
शाहपुर। जनपद पंचायत शाहपुर की ग्राम पंचायत तारा एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रीय विधायक गंगा सज्जन सिंह उईके के निवास पहुंचे और पंचायत में कराए जा रहे निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं, अधूरे कार्यों तथा सरकारी राशि के दुरुपयोग की उच्च स्तरीय तकनीकी एवं वित्तीय जांच की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायत में वर्षों पहले स्वीकृत कई निर्माण कार्य आज तक अधूरे पड़े हैं, जबकि कई मामलों में राशि का आहरण भी किया जा चुका है। इसके बावजूद विभागीय इंजीनियरों और जनपद स्तर के अधिकारियों द्वारा प्रभावी निगरानी नहीं किए जाने से अनियमितताओं को बढ़ावा मिल रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने वालों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां दी जाती हैं तथा पूर्व में कुछ ग्रामीणों पर कथित रूप से झूठे प्रकरण भी दर्ज कराए गए।
इन निर्माण कार्यों पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने चीतल टेकरी पर स्वीकृत कचरा घर, बजरंग मंदिर के पास 1.50 लाख रुपये की लागत से बनने वाला छत चौपाल, ढोलन मैया मंदिर के पास स्वीकृत चौपाल तथा फुलेसिंह के घर के पास स्वीकृत चौपाल वर्षों से अधूरे पड़े होने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कई कार्यों का भुगतान हो चुका है, लेकिन निर्माण अब तक पूरा नहीं कराया गया।
इसके अलावा बट्टीढाना में लगभग 14.85 लाख रुपये की लागत से बन रही कलवर्ट पुलिया तथा निर्माणाधीन नाली की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए गए। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि तकनीकी मापदंडों की अनदेखी कर घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है तथा नाली निर्माण में मानक के अनुरूप सरिया नहीं लगाया जा रहा।
सड़क, पटिया डैम और घाट निर्माण भी विवादों में
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चुब्बा के घर से लालमन के घर तक स्वीकृत 250 मीटर सड़क में केवल लगभग 190 मीटर निर्माण कराया गया, जबकि पूरी राशि निकाल ली गई। इसके साथ ही सरपंच के खेत में पटिया डैम बनाकर व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि 10 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत ढाई घाट का निर्माण पहले स्वीकृत स्थल के बजाय दूसरे स्थान पर शुरू कर दिया गया था, जिसे ग्रामीणों के विरोध के बाद निर्धारित स्थान पर कराया जा रहा है।
नल-जल योजना बंद, पेयजल संकट गहराया
ग्रामीणों ने पंचायत की नल-जल योजना कई दिनों से बंद होने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि पेयजल आपूर्ति ठप होने से लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है, लेकिन पंचायत स्तर पर समस्या के समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने पंचायत के सभी निर्माण कार्यों की तकनीकी एवं वित्तीय जांच, गुणवत्ता परीक्षण तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने वालों में उपसरपंच सुभाष इवने, चितरंजन इवने, महेश बट्टी, भैयालाल मरकाम, मधु बट्टी, चंदन बट्टी सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
उपसरपंच सुभाष इवने ने आरोप लगाया कि पंचायत में कई निर्माण कार्य वर्षों से अधूरे पड़े हैं और कई कार्यों में गुणवत्ता से समझौता किया गया है। वहीं चितरंजन इवने ने कहा कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें विधायक से हस्तक्षेप की मांग करनी पड़ी।
क्षेत्रीय विधायक गंगा सज्जन सिंह उईके ने ग्रामीणों को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया।





