खबरवाणी
जंगल में सागौन कटाई पर वन विभाग का शिकंजा
शाहपुर परिक्षेत्र में पांच आरोपी पकड़े गए, 3 नग अवैध काष्ठ जब्त; वन अपराध दर्ज
बुरहानपुर। जंगलों की बहुमूल्य वन संपदा पर कथित अवैध कटाई के मामले में शाहपुर वन परिक्षेत्र के जम्बूपानी क्षेत्र में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने दो अलग-अलग कार्रवाई में पांच आरोपियों को पकड़ा है। आरोपियों की निशानदेही पर 3 नग सागौन काष्ठ, कुल 0.074 घनमीटर, बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। सभी पांचों के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज कर विभागीय विवेचना शुरू कर दी गई है।
मुखबिर की सूचना बनी कार्रवाई का आधार
जम्बूपानी वन क्षेत्र में सागौन की अवैध कटाई की सूचना मिलने के बाद वन विभाग का मैदानी अमला सक्रिय हुआ। सूचना के आधार पर क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई गई और अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की गई।
पहली कार्रवाई में पांढरी-जम्बूपानी निवासी रामलाल, प्रकाश और योगेश को पकड़ा गया। इसके बाद दूसरी कार्रवाई में भायला निवासी थावरसिंग और दुलीचंद थावरसिंग को पकड़े जाने की जानकारी विभाग ने दी है।
वन अमले द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर तीन नग सागौन काष्ठ बरामद किया गया। विभाग ने जब्त काष्ठ को अपने कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है।
तीन नग काष्ठ ने खड़े किए कई सवाल
मामला केवल 0.074 घनमीटर काष्ठ की जब्ती तक सीमित नहीं है। अब विभागीय जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि यह काष्ठ वन क्षेत्र के किस हिस्से से प्राप्त हुआ और इसके संबंध में पूरी परिस्थितियां क्या थीं।
जांच के दौरान यदि अतिरिक्त कटाई या वन संपदा को नुकसान पहुंचाने के तथ्य सामने आते हैं तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार पांच आरोपियों के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया है।
लकड़ी कहां जानी थी, जांच में सामने आएगा
वन विभाग की कार्रवाई के बाद अब जांच का अगला चरण महत्वपूर्ण है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि बरामद सागौन काष्ठ का स्रोत क्या था, इसे कहां ले जाने की योजना थी और इस मामले से अन्य कोई व्यक्ति जुड़ा है या नहीं।
इन तथ्यों की पुष्टि विभागीय विवेचना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी। इसलिए फिलहाल किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता के संबंध में अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
जंगल की सुरक्षा पर बढ़ी जिम्मेदारी
सागौन जैसी मूल्यवान वन संपदा की सुरक्षा वन विभाग के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। जम्बूपानी क्षेत्र में हुई कार्रवाई ने एक ओर विभाग की निगरानी व्यवस्था को सामने रखा है, वहीं दूसरी ओर यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि वन क्षेत्रों में अवैध कटाई की गतिविधियों पर लगातार किस तरह निगरानी रखी जा रही है।
वन क्षेत्र में नियमित गश्त, संवेदनशील स्थानों की निगरानी और सूचना तंत्र को मजबूत रखना अवैध कटाई रोकने के लिए अहम माना जाता है। कार्रवाई के बाद अब स्थानीय स्तर पर भी वन क्षेत्र की निगरानी को लेकर विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
विभागीय अमले की मुस्तैदी से कार्रवाई
यह कार्रवाई डीएफओ के मार्गदर्शन तथा एसडीओ एवं आरओ शाहपुर के निर्देशन में की गई। कार्रवाई में परिक्षेत्र सहायक जम्बूपानी मुकेश भावसार, बीट गार्ड जम्बूपानी और शाहपुर वन परिक्षेत्र के मैदानी अमले की भूमिका रही।
वन विभाग द्वारा पांच आरोपियों को पकड़कर वन अपराध प्रकरण दर्ज किए जाने के बाद अब मामले की विवेचना आगे बढ़ेगी। जांच के निष्कर्ष के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि वन क्षेत्र में कटाई की घटना की पूरी कड़ी क्या है और मामले में आगे किन कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई होती है।
कार्रवाई के बाद भी असली परीक्षा निगरानी की
जंगल में अवैध कटाई पर कार्रवाई होने के बाद अब चुनौती यह है कि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो। वन संपदा की सुरक्षा केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रह सकती। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त और निगरानी से ही वन अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।





