खबरवाणी
पुलिस की दो बड़ी कार्यवाहियां अंतरराज्यीय ठग गिरोह के आरोपी सहित फर्जी बैंक खाता खुलवाने वाला शातिर गिरफ्तार….
तंत्र-मंत्र और भविष्यवाणियों का डर दिखाकर गहने ठगने वाला अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब,फर्जी दस्तावेजों से बैंक खाता खुलवाने और अवैध लेनदेन करने वाला आरोपी गिरफ्तार……
अशोकनगर। पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में थाना कोतवाली पुलिस एवं पुलिस टीम ने जिले में अपराधियों के विरुद्ध सघन अभियान चलाते हुए दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। पुलिस ने एक ओर जहां महिलाओं को तंत्र-मंत्र व भविष्यवाणियों का डर दिखाकर गहने ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, वहीं दूसरी ओर किसी अन्य व्यक्ति के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी बैंक खाता खुलवाने और उसमें लाखों का अवैध लेनदेन करने वाले आरोपी को दबोचा है।
प्रकरण-1: भविष्यवाणियों और तंत्र-मंत्र का भय दिखाकर गहने ठगने वाला अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब
अशोकनगर पुलिस की कोतवाली पुलिस टीम को महिलाओं से ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गिरोह के एक आरोपी सजाकत उर्फ सजाकत पिता जलालुद्दीन खान को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और ठगी के जेवर बेचकर प्राप्त ₹2,70,000 नगद बरामद किए गए हैं। गत 08 अगस्त 2026 को पीड़िता अनंतदेवी जैन उम्र 64 वर्ष, निवासी विवेक टॉकीज गली, अशोकनगर ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया था कि अज्ञात व्यक्तियों ने उनके तथा परिवार के साथ अनहोनी होने की झूठी भविष्यवाणी कर उन्हें भयभीत किया और बातों में उलझाकर उनके पहने हुए सोने-चांदी के आभूषण उतरवा लिए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने तत्काल एसआईटी गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण किया, जिसमें आरोपी अशोकनगर से ईसागढ़, चंदेरी होते हुए ललितपुर की ओर भागते दिखे। आरोपियों की पहचान सजाकत, गफ्फार, इमरान और शहजाद (सभी निवासी ठंडानाला, कोपा, गूलरभोज, जिला उधमसिंह नगर, उत्तराखंड) के रूप में हुई। दिल्ली, मेरठ, हरियाणा, ओडिशा और कानपुर सहित विभिन्न स्थानों पर दबिश देने के बाद, 23 सितंबर 2026 को आरोपी सजाकत के अपने गांव में होने की सूचना पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।आरोपी महिलाओं को अकेला पाकर उनके परिवार पर आने वाली कथित विपत्ति का भय दिखाते थे। बातों-बातों में महिला से उसके परिवार की जानकारी हासिल कर, दूसरा साथी वही जानकारी दोहराता था, जिससे महिला को लगता कि आरोपियों के पास कोई तांत्रिक शक्ति है। इसी भय का फायदा उठाकर आरोपी गहने ठग लेते थे। प्रकरण में अन्य आरोपियों तथा जेवर खरीदने वाले की तलाश जारी है।
प्रकरण-2: फर्जी तरीके से बैंक खाता खुलवाकर अवैध लेनदेन करने वाला आरोपी गिरफ्तार
अशोकनगर पुलिस ने धोखाधड़ी और साइबर अपराध से जुड़े दूसरे मामले में कार्रवाई करते हुए किसी अन्य व्यक्ति के फर्जी दस्तावेजों से बैंक खाता खुलवाने और उसमें लाखों रुपये का संदिग्ध लेनदेन करने वाले आरोपी जाकिर उर्फ जक्का को गिरफ्तार किया है। 29 सितंबर 2026 को फरियादी भूरा आदिवासी (उम्र 45 वर्ष, निवासी बोहरे कॉलोनी, अशोकनगर) ने शिकायत दर्ज कराई कि जाकिर उर्फ जब्का खान और राशिद खान उर्फ चिल्ली खान ने उसके पहचान संबंधी दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसकी सहमति के बिना एक्सिस बैंक में फर्जी खाता खुलवा लिया। फरियादी को इसका पता तब चला जब खाते में लाखों का लेनदेन होने पर बैंक द्वारा खाता ब्लॉक कर दिया गया और बैंक कर्मियों ने पूछताछ की। जब फरियादी ने आरोपी जाकिर से इस संबंध में बात की, तो आरोपी ने उसके साथ जातिसूचक व अश्लील शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
एसपी राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कोतवाली पुलिस ने नामजद आरोपी जाकिर उर्फ जक्का आजाद मोहल्ला, अशोकनगर को गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी जाकिर के विरुद्ध पूर्व में भी ऑनलाइन रियल मनी गेम संचालन से संबंधित अपराध दर्ज हैं। पुलिस को अंदेशा है कि उक्त बैंक खाते का उपयोग ऑनलाइन सट्टेबाजी या अन्य अवैध गतिविधियों के पैसे के लेनदेन के लिए किया जा रहा था। मामले में फरार अन्य नामजद आरोपी राशिद खान (जो एक्सिस बैंक में आउटसोर्स वर्कर के रूप में कार्यरत था) की तलाश जारी है।
दोनों मामलों पर कड़ी कार्रवाई के साथ पुलिस अधीक्षक अशोकनगर श्री राजीव कुमार मिश्रा ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है किसी भी व्यक्ति द्वारा अनहोनी या तंत्र-मंत्र का भय दिखाए जाने पर उसकी बातों में न आएं। कोई व्यक्ति जादुई शक्ति से संकट दूर नहीं कर सकता; ऐसे संदिग्धों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। अपने आधार कार्ड, बैंक खाता, एटीएम या मोबाइल नंबर किसी भी अज्ञात या असत्यापित व्यक्ति को न सौंपें। यदि बिना जानकारी के बैंक खाता संचालित होने या संदिग्ध लेनदेन का पता चले, तो तुरंत बैंक व पुलिस को सूचित करें।





