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राशन दुकान समय पर नहीं खुलने से ग्रामीण परेशान, अवकाश के दिन वितरण का आरोप

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खबरवाणी

राशन दुकान समय पर नहीं खुलने से ग्रामीण परेशान, अवकाश के दिन वितरण का आरोप

कछार पंचायत के कोयलारी, कोपलबुड़ी और जोड़ियामऊ के ग्रामीणों ने की जांच और व्यवस्था सुधार की मांग

भौंरा । ग्राम पंचायत कछार के अंतर्गत आने वाले कोयलारी, कोपलबुड़ी, जोड़ियामऊ एवं कछार के ग्रामीणों को शासकीय उचित मूल्य दुकान से राशन प्राप्त करने में लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने दुकान के संचालन, राशन वितरण की व्यवस्था और मशीन से संबंधित प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस संबंध में ग्राम पंचायत कछार की सरपंच संगीता सहित ग्रामीणों की ओर से सोमवार को एसडीएम को आवेदन दिया गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि उचित मूल्य दुकान की सेल्समैन कुमारी लक्ष्मी मावसे द्वारा दुकान निर्धारित समय पर नहीं खोली जाती। दुकान कब खुलेगी और राशन का वितरण कब किया जाएगा, इसकी जानकारी भी ग्रामीणों को समय पर नहीं मिलती। इसके कारण राशन लेने के लिए ग्रामीणों को बार-बार दुकान के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

आवेदन में रक्षाबंधन के दिन शासकीय अवकाश होने के बावजूद दुकान खोले जाने का भी उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार इस दौरान कुछ लोगों के अंगूठे लगवाए गए, लेकिन उन्हें तत्काल राशन दिए बिना घर जाने के लिए कहा गया और दोपहर बाद दोबारा राशन लेने के लिए बुलाया गया। यदि यह स्थिति वास्तव में हुई है तो शासकीय अवकाश के दिन दुकान संचालन और राशन वितरण की प्रक्रिया की जांच किया जाना आवश्यक है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि कई बार सेल्समैन द्वारा अपने कर्मचारी से दुकान खुलवाई जाती है। वहीं माह के अंतिम दिनों में ही बड़ी संख्या में ग्रामीणों को राशन लेने के लिए बुलाए जाने से दुकान पर भीड़ बढ़ जाती है और सभी हितग्राहियों को समय पर राशन नहीं मिल पाता। उनका कहना है कि कई बार राशन नहीं मिलने के कारण उन्हें अगले माह तक इंतजार करना पड़ता है।

28 अगस्त को दुकान खोलकर राशन वितरण किए जाने का भी आवेदन में उल्लेख है। ग्रामीणों के अनुसार उस दिन करीब 10 से 20 लोगों को राशन दिया गया, जबकि अन्य ग्रामीणों के अंगूठे लगाए जाने के बावजूद उन्हें राशन एवं मशीन से जनरेट की गई रसीद उपलब्ध नहीं कराई गई। पूछने पर मशीन डिस्चार्ज होने की बात बताते हुए 30 तारीख को राशन देने की जानकारी दी गई। इस पूरे मामले में ई-पॉस मशीन में दर्ज वितरण रिकॉर्ड और वास्तविक राशन वितरण का मिलान जांच का महत्वपूर्ण बिंदु हो सकता है।

समस्या केवल दुकान संचालन तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार जोड़ियामऊ गांव में राशन वितरण के लिए शासन स्तर से वाहन पहुंचाने के निर्देश होने के बावजूद वाहन नहीं पहुंचता, जिसके कारण वहां के ग्रामीणों को करीब दो किलोमीटर दूर कछार जाकर राशन लेना पड़ता है। इससे विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य जरूरतमंद हितग्राहियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे में शासन के निर्देशों के अनुरूप राशन वितरण वाहन की व्यवस्था वास्तव में की जा रही है या नहीं, इसकी भी पड़ताल जरूरी है।

राशन जैसी मूलभूत सार्वजनिक वितरण व्यवस्था में समय पर दुकान खुलना, पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में राशन मिलना, ई-पॉस मशीन में सही तरीके से वितरण दर्ज होना और हितग्राही को रसीद मिलना महत्वपूर्ण है। ऐसे में ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की केवल शिकायत के रूप में दर्ज करने के बजाय दुकान के स्टॉक रजिस्टर, वितरण रजिस्टर, ई-पॉस मशीन के रिकॉर्ड, राशन उठाव और वास्तविक वितरण का मिलान कर जांच किए जाने से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित मूल्य दुकान के संचालन में यदि अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदारी तय की जाए। साथ ही दुकान के संचालन का समय स्पष्ट रूप से निर्धारित कर उसकी जानकारी ग्रामीणों को दी जाए तथा जोड़ियामऊ में राशन वितरण के लिए शासन के निर्देशानुसार वाहन उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को राशन के लिए बार-बार दूर न जाना पड़े।

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