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जिले के आमला में करंट लगने से हुई थी मजदूर की मौत: एक साल से मुआवजे के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा मृतक का भाई।
ग्राम सोनतलाई की हृदयविदारक घटना; खेत में पानी पिलाने के दौरान पंप मोटर के करंट से गई थी जान, श्रम कल्याण मण्डल में पंजीकृत था मृतक।
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के आमला तहसील अंतर्गत ग्राम सोनतलाई में एक वर्ष पूर्व हुई हृदयविदारक दुर्घटना में जान गंवाने वाले मजदूर के परिवार को आज तक शासन की ओर से कोई मुआवजा राशि नहीं मिल पाई है। मृतक का भाई पिछले एक साल से प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है, लेकिन अब तक उसे न्याय नहीं मिला है। पीड़ित ने इस संबंध में तहसीलदार आमला को लिखित आवेदन देकर त्वरित मुआवजा राशि दिलाए जाने की गुहार लगाई है।
घटना का विवरण:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 19 मार्च 2025 की है। ग्राम सोनतलाई निवासी तोमर सिंह पुत्र ठाकुर सिंह चौहान बेल नदी के पास अपने पालतू पशुओं को पानी पिलाने गए थे। उसी दौरान, वहीं के एक अन्य कृषक संतोष परमार द्वारा लगाई गई पंप मोटर खराब होने के कारण पानी में विद्युत करंट उतर आया था। इस बात की जानकारी मृतक तोमर सिंह को नहीं थी। जैसे ही उन्होंने पशु को पानी पिलाया, बैल करंट की चपेट में आ गया और उसे बचाने के प्रयास में तोमर सिंह की भी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना के तुरंत बाद पुलिस द्वारा मौके पर पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम कराया गया था।
पात्रता और परेशानियां:
श्रमिक पंजीयन: मृतक तोमर सिंह ‘मध्य प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल’ में पंजीकृत थे, जो अप्राकृतिक मृत्यु पर मिलने वाली सहायता राशि के पात्र हैं।
परिवार की स्थिति:
माता-पिता का पहले ही देहांत हो चुका है और मृतक अविवाहित था। उनके साथ उनके भाई कोमल सिंह रहते थे, जो अब न्याय के लिए भटक रहे हैं।
एक साल से चक्कर: घटना को पूरा एक वर्ष बीत जाने के बाद भी तमाम दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद मुआवजा न मिलने से परिवार में निराशा है।
पीड़ित कोमल सिंह ने तहसीलदार आमला, एस डी एम आमला और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत आमला से मांग की है कि मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्हें अविलंब मुआवजा राशि प्रदान की जाए।
महेश प्रजापति की ग्राउंड रिपोर्ट खबरवानी आमला





