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जांच के बीच तारा पंचायत में नया बवाल: फ्यूरी मशीन से सीसी रोड निर्माण का विरोध, शिकायतकर्ता ने सरपंच-ठेकेदार पर मारपीट का लगाया आरोप
स्थानीय मजदूरों को काम देने की मांग पर बढ़ा विवाद, शिकायतकर्ता का मेडिकल; पहले ही जताई थी हमले और झूठे प्रकरण में फंसाने की आशंका
शाहपुर। ग्राम पंचायत तारा में निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच रविवार को एक और नया मामला सामने आ गया। पंचायत में बन रही सीसी रोड के निर्माण के दौरान फ्यूरी मशीन के इस्तेमाल का ग्रामीणों ने विरोध करते हुए स्थानीय मजदूरों से कार्य कराने की मांग की। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और शिकायतकर्ता ने सरपंच तथा ठेकेदार पर मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सीसी रोड निर्माण में फ्यूरी मशीन लगाए जाने से गांव के मजदूरों को रोजगार नहीं मिल रहा है। उनका आरोप है कि यदि निर्माण कार्य पंचायत स्तर पर स्थानीय मजदूरों से कराया जाए तो ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी।
इसी दौरान पंचायत में कथित अनियमितताओं की शिकायत करने वाले चितरंजन इवने ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर ग्राम पंचायत के सरपंच एवं चिचोली निवासी ठेकेदार अमित पटेल ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। घटना के बाद वे बीजादेही थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर भेज दिया।
पहले ही जताई थी हमले और झूठे मामलों में फंसाने की आशंका
यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कुछ दिन पहले ही उपसरपंच सुभाष इवने, चितरंजन इवने सहित अन्य ग्रामीणों ने बीजादेही थाने में आवेदन देकर आशंका जताई थी कि पंचायत में कथित अनियमितताओं की शिकायत करने के कारण उनके साथ मारपीट की जा सकती है या उन्हें झूठे प्रकरणों में फंसाने का प्रयास किया जा सकता है। ग्रामीणों ने पुलिस से सुरक्षा और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग भी की थी। अब कथित मारपीट की घटना सामने आने के बाद ग्रामीण इसे अपने पूर्व आवेदन से जोड़कर देख रहे हैं।
थाना प्रभारी बोले— जांच के बाद होगी कार्रवाई
बीजादेही थाना प्रभारी राजकुमार मीणा ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायतकर्ता को मेडिकल परीक्षण के लिए शाहपुर भेजा गया है। मेडिकल रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पहले से जांच के घेरे में है तारा पंचायत
उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत तारा में अधूरे निर्माण कार्यों, कथित वित्तीय अनियमितताओं और गुणवत्ता संबंधी शिकायतों को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर एवं विधायक से शिकायत की थी। इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर जिला पंचायत द्वारा तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया गया है। जांच प्रक्रिया के दौरान सामने आया यह नया विवाद पूरे मामले को और अधिक गंभीर बना रहा है।





