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20 हजार वर्ग मीटर भवन को कचरा उत्पादक मानते हुए करना होगा पंजीयन, नही तो होगा जुर्माना 

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खबरवाणी

20 हजार वर्ग मीटर भवन को कचरा उत्पादक मानते हुए करना होगा पंजीयन, नही तो होगा जुर्माना 

 

मुलताई। नगरीय क्षेत्र में 20 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में स्थित भवन, मेरीज गार्डन,लान, सामुदायिक भवन को नए नियमों में कचरा उत्पादक माना गया, जिन्हे अब पंजीयन कराकर गीला कचरे का अलग से अपने परिक्षेत्र में निस्तारण करना होगा,अन्यथा नगरपालिका द्वारा अर्थदंड किया जाएगा।नपा उपयंत्री महेश शर्मा ने बताया नगर पालिका परिषद ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत निकाय क्षेत्र के सभी थोक कचरा उत्पादकों (बल्क वेस्ट जनरेटर) के लिए नए नियमों का पालन अनिवार्य कर दिया है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से अधिसूचित ये नियम 1 अप्रैल से प्रभावी हैं, जिन्हें अब नगर पालिका क्षेत्र में सख्ती से लागू किया जा रहा है। इस श्रेणी में ऐसे भवन या संस्थान जिनका निर्मित क्षेत्रफल 20 हजार वर्गमीटर या उससे अधिक है। प्रतिदिन 40 हजार लीटर या अधिक पानी की खपत होती है, अथवा प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक ठोस कचरा उत्पन्न होता है, उन्हें थोक कचरा उत्पादक की श्रेणी में माना जाएगा। इस दायरे में मैरिज गार्डन, होटल, रेस्टोरेंट, धर्मशालाएं, छात्रावास, सामुदायिक भवन और आवासीय संघ सहित अन्य बड़े संस्थान शामिल हैं।नगर पालिका ने ऐसे सभी संस्थानों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के केंद्रीकृत पोर्टल पर पंजीकरण कराने के निर्देश दिए है। उन्हें सूखे, गीले और घरेलू खतरनाक कचरे को अलग-अलग एकत्र कर गीले कचरे का निस्तारण अपने परिसर में ही कम्पोस्टिंग, बायोगैस, ऑर्गेनिक वेस्ट कन्वर्टर (ओडब्ल्यूसी) मशीन अथवा अन्य स्वीकृत माध्यमों से करना होगा।इसके अतिरिक्त, सूखे कचरे को नगर पालिका के अधिकृत कचरा संग्राहक को सौंपना होगा। प्रसंस्कृत कचरे और तैयार खाद का रिकॉर्ड रखना भी अनिवार्य किया गया है आवश्यकता होने पर नगर पालिका से अनुबंध कर विस्तारित थोक अपशिष्ट जनित उत्तरदायित्व (ईबीडब्ल्यूजीआर) प्रमाणपत्र प्राप्त करना भी जरूरी है।

 

प्रतिदिन 500 रुपए तक का अर्थदंड लगेगा

 

मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सभी पात्र संस्थानों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रावधानों का पालन करना होगा।नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और प्रतिदिन 500 रुपए तक का अर्थदंड भी लगाया जाएगा। नगर पालिका ने सभी संबंधित संस्थानों से समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की अपील की है।

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