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भौंरा शराब दुकान पर आखिर किसका नियंत्रण? ओवररेटिंग की शिकायतों ने खोली निगरानी व्यवस्था की पोल
उपभोक्ताओं ने लगाए मनमानी वसूली के आरोप, आबकारी विभाग ने जांच का दिया भरोसा; अब कार्रवाई पर टिकी निगाहें
भौंरा । भौंरा की अंग्रेजी शराब दुकान पर ग्राहकों से निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। नगर के कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि शराब दुकान पर विभिन्न ब्रांडों की शराब और बीयर एमआरपी से अधिक कीमत पर बेची जा रही है। आरोपों के बाद आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार शराब दुकान पर कई ब्रांडों की शराब और बीयर निर्धारित मूल्य से अधिक दरों पर बेची जा रही हैं। आरोप है कि किंगफिशर बीयर 160 रुपये की जगह 200 रुपये में, बोल्ट बियर जिसकी एमआरपी 140 रुपये बताई जा रही है, उसे 190 रुपये में, मैजिक मोमेंट्स 220 रुपये की जगह 260 से 280 रुपये में बेची जा रही है। वहीं नंबर-1 ब्रांड की 675 रुपये कीमत वाली बोतल के लिए 800 रुपये तक वसूले जाने की शिकायत सामने आई है। इसके अलावा गोवा क्वार्टर 110 रुपये की जगह 120 रुपये में बेचे जाने के आरोप लगाए गए हैं।
हर बोतल पर अलग रेट, आखिर किसके आदेश से?
नगर निवासी अखिलेश राय ने कहा कि शराब दुकान पर निर्धारित मूल्य का कोई पालन दिखाई नहीं देता। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग ब्रांडों पर अलग-अलग तरीके से अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है। यदि सरकार ने मूल्य तय कर रखे हैं तो फिर ग्राहकों से अधिक पैसे किस आधार पर लिए जा रहे हैं, इसकी जांच होनी चाहिए।
वहीं संतोष मालवीय ने कहा कि ओवररेटिंग की शिकायत कोई नई बात नहीं है। कई ग्राहक मजबूरी में अधिक पैसे देकर शराब खरीदते हैं क्योंकि उनके पास दूसरा विकल्प नहीं होता। उन्होंने मांग की कि आबकारी विभाग को मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जांच करनी चाहिए।
आबकारी विभाग की निगरानी पर उठे सवाल
शराब दुकानों पर निर्धारित दरों से बिक्री सुनिश्चित करना आबकारी विभाग की जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि उपभोक्ताओं के आरोप सही हैं तो यह केवल दुकान प्रबंधन का मामला नहीं बल्कि विभागीय निगरानी पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमित निरीक्षण और जांच होती है तो फिर इस प्रकार की शिकायतें लगातार सामने क्यों आ रही हैं।
जांच की मांग तेज
नगर के नागरिकों ने मांग की है कि शराब दुकान के स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर और मूल्य सूची की जांच कराई जाए। साथ ही यह भी देखा जाए कि उपभोक्ताओं से वास्तव में कितनी राशि वसूली जा रही है। यदि अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए।
क्या बोले जिला आबकारी अधिकारी
इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी अंशुमान चढ़ार ने कहा, मुझे जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार दुकानों पर सही दरों पर ही बिक्री की जा रही है। यदि इस प्रकार की शिकायतें सामने आई हैं और आप बता रहे हैं तो मैं पूरे मामले की जांच करवाता हूं। जांच में यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बड़ा सवाल
जब एक ओर उपभोक्ता एमआरपी से 10 रुपये से लेकर 125 रुपये तक अधिक वसूली के आरोप लगा रहे हैं और दूसरी ओर विभाग को सब कुछ नियमों के अनुसार दिखाई दे रहा है, तो आखिर सच्चाई क्या है? क्या भौंरा शराब दुकान पर चल रहे कथित ओवररेटिंग के खेल पर आबकारी विभाग कार्रवाई करेगा या फिर उपभोक्ताओं की शिकायतें जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में चली जाएंगी?





