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भक्ति के सागर में डूबा……… आवरिया 20 से अधिक ध्वजवाहकों के साथ निकली भव्य श्री राम प्रभात फेरी, शिव महापुराण कथा का हुआ समापन
रामभक्तों ने पलक-पावड़े बिछाकर किया स्वागत, हरिद्वार की कथावाचक सुश्री भुवनेश्वरी देवी की विदाई पर भावुक हुए श्रद्धालु
आमला। क्षेत्र के समीपस्थ ग्राम आवरिया में श्री राम प्रभात फेरी की वार्षिक वर्षगांठ का उत्सव बुधवार को पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। ग्राम के प्राचीन हनुमान मंदिर से शुरू हुई इस प्रभात फेरी में भक्ति का ऐसा रंग घुला कि पूरा वातावरण ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। इस अवसर पर आयोजित भव्य शोभायात्रा में न केवल स्थानीय ग्रामीणों ने, बल्कि आसपास के 20 से अधिक ग्रामीण अंचलों से आए श्रद्धालुओं और ध्वजवाहकों ने हिस्सा लेकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
जीवंत झांकियों के साथ निकली प्रभात फेरी
हनुमान मंदिर परिसर से शुरू हुई इस प्रभात फेरी का मुख्य आकर्षण भगवान राम, लक्ष्मण, माता सीता और अनन्य भक्त हनुमान की जीवंत झांकी रही। इन झांकियों के दर्शन के लिए सुबह से ही मंदिर परिसर और ग्राम की गलियों में भारी भीड़ जमा हो गई थी। ढोल-मजीरों और भजनों की धुन पर नाचते-झूमते श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को एक महापर्व का रूप दे दिया। उत्सव की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गांव का हर कोना भगवा ध्वजों से पट गया था।
घर-घर हुआ ध्वज पूजन, ग्रामीणों ने बिछाए पलक-पावड़े
शोभायात्रा के दौरान विभिन्न गांवों से आए 20 से अधिक ध्वजवाहकों का ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। जैसे-जैसे प्रभात फेरी ग्राम के विभिन्न मार्गों से गुजरी, ग्रामीणों ने अपने घरों के सामने रुकवाकर पवित्र ध्वजों का विधि-विधान से पूजन किया। कई स्थानों पर पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। ग्राम की महिलाओं और बुजुर्गों ने आरती उतारकर आशीर्वाद लिया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
शिव महापुराण कथा का भव्य समापन
प्रभात फेरी के समापन के पश्चात, वार्षिक वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का भी भावपूर्ण समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन हरिद्वार से पधारीं प्रसिद्ध कथावाचक सुश्री भुवनेश्वरी देवी (या संदर्भित नाम) ने शिव महिमा का बखान किया। उन्होंने कहा कि भक्ति और सेवा ही जीवन का आधार है। राम प्रभात फेरी जैसे आयोजन समाज में एकता और धार्मिक चेतना जागृत करने का कार्य करते हैं। कथा के समापन पर भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया।






