खबरवाणी
सड़क बनी नहीं, 2.98 लाख का लगा बिल!
ग्रामीणों ने कलेक्टर से की भ्रष्टाचार की शिकायत
फत्तूदाना-कोचाखेड़ा मार्ग पर घोटाले का आरोप, अधूरे निर्माण पर भड़के ग्रामीण
बैतूल। ग्राम गोलाई खुर्द के ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत कर आरोप लगाया है कि फत्तूदाना से कोचाखेड़ा तक बनने वाली 1.50 किलोमीटर सड़क और पुलिया का निर्माण पूरा हुए बिना ही करीब 2.98 लाख रुपये का बिल लगा दिया गया। शिकायत में इंजीनियर, रोजगार सहायक और सहायक सचिव पर अनियमितता, बाहरी मजदूरों से काम कराने, निजी भूमि पर कार्य कराने तथा विरोध करने पर धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात सिर पर है, सड़क अधूरी पड़ी है और जिम्मेदार अधिकारी भुगतान की तैयारी में हैं, जिससे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर को दिए गए आवेदन में बताया गया है कि ग्राम गोलाई खुर्द में फत्तूदाना से कोचाखेड़ा तक 1.50 किलोमीटर लंबी सड़क एवं पुलिया निर्माण का कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इसके बावजूद जनपद पंचायत के इंजीनियर द्वारा करीब 2 लाख 98 हजार रुपये का बिल लगाए जाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य अधूरा है और भुगतान की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।
– दूसरे गांव में कराया गया निर्माण, ग्रामीणों ने जताई आपत्ति
शिकायत में कहा गया है कि सहायक सचिव द्वारा सड़क निर्माण का कुछ हिस्सा दूसरे गांव में कराया गया, जबकि वह क्षेत्र संबंधित पंचायत की सीमा में नहीं आता। ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे मामले में ग्राम रोजगार सहायक भी शामिल है और गांववासियों को गुमराह किया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनके गांव के लिए स्वीकृत कार्य का लाभ दूसरे क्षेत्र में पहुंचाया गया।
– रोजगार नियमों की अनदेखी का आरोप
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि शासन की योजना के तहत स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाना चाहिए था, लेकिन इंजीनियर और रोजगार सहायक द्वारा बाहरी व्यक्तियों से कार्य कराया गया। आवेदन में कहा गया है कि अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए नियमों की अनदेखी की और स्थानीय मजदूरों को रोजगार से वंचित किया गया।
– धमकी और दबाव के आरोप
आवेदन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में अनियमितताओं का विरोध करने पर उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत करने पर शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिलने देने और गांव की सड़क नहीं बनाने जैसी बातें कही जा रही हैं। इससे ग्रामीणों में भय और नाराजगी का माहौल है।
– निजी भूमि पर कार्य और कमीशनखोरी के आरोप
ग्रामीणों ने शिकायत में यह भी कहा है कि उनकी निजी भूमि पर बिना सहमति के कार्य कराया जा रहा है तथा भूमि का बड़े स्तर पर लेवलिंग कार्य किया गया है। आरोप है कि खेत और तालाब निर्माण जैसे कार्य भी विवादित तरीके से कराए जा रहे हैं। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि रोजगार सहायक द्वारा कथित रूप से ब्लॉक स्तर के अधिकारियों के लिए 20 प्रतिशत कमीशन की बात कही गई। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
– जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अधूरे सड़क एवं पुलिया निर्माण कार्य को बरसात से पहले पूरा कराने, फर्जी बिलों पर तत्काल रोक लगाने तथा जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं में गणेश, मूलचंद, रामेश्वर, रामदीन, सुकलू, झाबू, प्रेम कुमार, मोहन, संतोष और विनोद सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं।
नोट- उक्त जानकारी आवेदक/ शिकायतकर्ता ग्रामीणों द्वारा मीडिया प्रतिनिधियों को केवल सूचनार्थ प्रेषित की गई है। शिकायत जनसुनवाई में की गई विस्तृत जानकारी के लिए संपर्क करें
संलग्न: शिकायत आवेदन





