भारतीय शेयर बाजार में सोमवार की सुबह निवेशकों के लिए किसी झटके से कम नहीं रही। ग्लोबल बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बड़े नुकसान के साथ खुले। निवेशकों में घबराहट का माहौल देखने को मिला और शुरुआती कारोबार में जमकर बिकवाली हुई।
सेंसेक्स और निफ्टी की खराब शुरुआत ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता
बीएसई सेंसेक्स सोमवार को 803 अंकों की भारी गिरावट के साथ 73,440.21 पर खुला। वहीं एनएसई निफ्टी भी 264 अंकों की कमजोरी के साथ 23,102.55 पर पहुंच गया। बाजार खुलते ही लाल निशान हावी रहा और निवेशकों के करोड़ों रुपये कुछ ही मिनटों में स्वाहा हो गए। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी बाजारों में कमजोरी और वैश्विक आर्थिक चिंताओं का असर भारतीय बाजार पर पड़ रहा है।
बाजार में बिकवाली का दबाव, ज्यादातर शेयर लाल निशान में
सुबह के कारोबार में बाजार का माहौल पूरी तरह सुस्त नजर आया। करीब 107 शेयरों में बढ़त देखने को मिली, जबकि 310 से ज्यादा शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे। वहीं 45 शेयर बिना किसी बदलाव के सपाट बने रहे। यह आंकड़े बताते हैं कि बाजार में फिलहाल खरीदारों की तुलना में बेचने वालों का दबदबा ज्यादा है।
इन दिग्गज शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
निफ्टी के कई बड़े शेयरों में तगड़ी बिकवाली देखने को मिली। सबसे ज्यादा दबाव धातु, वित्तीय और एविएशन सेक्टर के शेयरों पर रहा। हिंदाल्को, टीएमपीवी, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस जैसे बड़े शेयर शुरुआती कारोबार में फिसलते नजर आए। इन शेयरों की गिरावट ने निफ्टी को नीचे खींचने में अहम भूमिका निभाई।
एलेम्बिक फार्मा ने दिखाई मजबूती, निवेशकों को मिली राहत
जहां पूरा बाजार गिरावट की मार झेल रहा था, वहीं एलेम्बिक फार्मास्युटिकल्स के शेयरों ने निवेशकों को थोड़ी राहत दी। कंपनी ने कनाडा में एक नई कॉरपोरेशन में 45 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए समझौता किया है। इस खबर के बाद कंपनी के शेयरों में तेजी देखी गई। शुरुआती कारोबार में शेयर करीब 1.23 प्रतिशत बढ़कर 746 रुपये के आसपास पहुंच गया। इससे निवेशकों का भरोसा कंपनी पर और मजबूत हुआ।
रुपया भी पड़ा दबाव में, डॉलर के मुकाबले 35 पैसे टूटा
शेयर बाजार की कमजोरी का असर मुद्रा बाजार में भी दिखाई दिया। भारतीय रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 35 पैसे कमजोर होकर 95.31 के स्तर पर खुला। इससे पहले शुक्रवार को रुपया 94.94 पर बंद हुआ था। रुपये में आई इस कमजोरी से आयात करने वाली कंपनियों की लागत बढ़ सकती है और महंगाई पर भी असर पड़ सकता है।
सप्ताह की शुरुआत भारतीय बाजार के लिए काफी निराशाजनक रही है। सेंसेक्स, निफ्टी और रुपया तीनों दबाव में हैं। निवेशकों की नजर अब वैश्विक बाजारों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर टिकी रहेगी। फिलहाल बाजार में सतर्कता बरतने की जरूरत है क्योंकि उतार-चढ़ाव का दौर अभी जारी रह सकता है।





