संघर्षों से भरा रहा नेहा कक्कड़ का शुरुआती सफर
बॉलीवुड की मशहूर सिंगर नेहा कक्कड़ आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। अपनी दमदार आवाज और शानदार गानों के दम पर उन्होंने करोड़ों लोगों के दिलों में खास जगह बनाई है। लेकिन यहां तक पहुंचने का उनका सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था। उत्तराखंड के ऋषिकेश में जन्मी नेहा ने बचपन में काफी गरीबी देखी। परिवार की आर्थिक हालत ऐसी थी कि कई बार रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो जाता था। लेकिन नेहा ने हालात के आगे हार नहीं मानी और अपने सपनों को जिंदा रखा।
बचपन में जागरणों में गाकर किया परिवार का सहारा
नेहा कक्कड़ ने बहुत छोटी उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था। वह अपने भाई टोनी कक्कड़ और बहन सोनू कक्कड़ के साथ जागरणों और धार्मिक कार्यक्रमों में भजन गाया करती थीं। इसी से परिवार की कुछ आर्थिक मदद हो जाती थी। उनकी मेहनत और लगन बचपन से ही साफ दिखाई देती थी। गांव-शहर के छोटे-छोटे कार्यक्रमों में गाकर उन्होंने अपने सुरों को निखारा और धीरे-धीरे बड़ा सपना देखने लगीं।
बेहतर मौके की तलाश में दिल्ली से मुंबई पहुंचीं
संगीत में करियर बनाने के लिए कक्कड़ परिवार दिल्ली आ गया। यहां कुछ समय बिताने के बाद नेहा अपने भाई टोनी कक्कड़ के साथ मायानगरी मुंबई पहुंचीं। हालांकि मुंबई में उन्हें शुरुआत में काफी संघर्ष करना पड़ा। कई जगह ऑडिशन दिए, लेकिन सफलता तुरंत नहीं मिली। फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लगातार मेहनत करती रहीं। यही जज्बा आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।
Indian Idol से रिजेक्शन, लेकिन नहीं टूटा हौसला
साल 2005 में नेहा कक्कड़ ने मशहूर सिंगिंग रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ में हिस्सा लिया था। उस समय वह प्रतियोगिता में ज्यादा आगे नहीं बढ़ सकीं और उन्हें शो से बाहर कर दिया गया। किसी भी नए कलाकार के लिए यह बड़ा झटका हो सकता था, लेकिन नेहा ने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने रिजेक्शन को अपनी ताकत बनाया और लगातार खुद पर काम करती रहीं। यही वजह है कि आज उनकी कहानी लाखों युवाओं को प्रेरणा देती है।
एक गाने ने बदल दी किस्मत, आज हैं करोड़ों दिलों की पसंद
साल 2008 में नेहा का पहला एल्बम ‘नेहा द रॉक स्टार’ आया, लेकिन असली पहचान उन्हें फिल्म ‘कॉकटेल’ के गाने “सेकंड हैंड जवानी” से मिली। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। “लंदन ठुमकदा”, “काला चश्मा”, “दिलबर”, “सनी सनी”, “आंख मारे” और “मनाली ट्रांस” जैसे कई सुपरहिट गानों ने उन्हें बॉलीवुड की टॉप सिंगर्स की कतार में खड़ा कर दिया। सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिस ‘इंडियन आइडल’ ने कभी उन्हें रिजेक्ट कर दिया था, आज उसी शो में वह जज की कुर्सी पर बैठती हैं। नेहा कक्कड़ की कहानी साबित करती है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर कोई भी इंसान अपनी मंजिल हासिल कर सकता है।
Read Also :- Tata Electric Cars Discount: टाटा की इलेक्ट्रिक गाड़ियां हुईं सस्ती, ₹2.15 लाख तक का तगड़ा डिस्काउंट





