मध्य प्रदेश सरकार ने आम जनता को बेहतर और सुविधाजनक परिवहन सुविधा देने के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। योजना के तहत पूरे प्रदेश में 5,206 बसों का संचालन किया जाएगा, जिसकी शुरुआत इंदौर क्षेत्र से होगी।
इंदौर से शुरू होगा बस संचालन का बड़ा अभियान
सरकार ने मध्य प्रदेश को इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा सहित सात क्षेत्रों में बांटा है। सबसे पहले इंदौर संभाग में बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। इंदौर स्थित एआईसीटीएसएल (AICTSL) को पूरे संभाग में बस संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे शहर और गांव दोनों क्षेत्रों के लोगों को बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी।
PM ई-बस सेवा के तहत चलेंगी 150 इलेक्ट्रिक बसें
इंदौर शहर में जुलाई से PM E-Bus Seva के तहत 150 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का प्रस्ताव है। ये बसें प्रदूषण कम करने के साथ-साथ यात्रियों को आधुनिक और आरामदायक सफर का अनुभव देंगी। सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित, सस्ता और पर्यावरण अनुकूल बनाना है।
620 रूट पर चलेंगी हजारों बसें
बैठक में बताया गया कि प्रदेश के सातों क्षेत्रीय मुख्यालयों को जिला मुख्यालयों से जोड़ने के लिए 620 रूट चिन्हित किए गए हैं। इन रूटों पर 2,432 बसों का संचालन होगा। केवल इंदौर क्षेत्र में ही 121 इंटरसिटी रूट तय किए गए हैं, जिन पर 608 बसें दौड़ेंगी। इससे यात्रियों को एक जिले से दूसरे जिले तक सफर करने में काफी सहूलियत मिलेगी।
शहर और आसपास के इलाकों को भी मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत सिर्फ शहरों में ही नहीं बल्कि आसपास के उपनगरीय क्षेत्रों तक भी बस सेवा पहुंचाई जाएगी। इंदौर क्षेत्र में 28 शहर और उपनगरीय रूट चिन्हित किए गए हैं, जहां 784 बसें संचालित होंगी। इससे रोजाना नौकरी, पढ़ाई और व्यापार के लिए आने-जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
निजी बस ऑपरेटरों पर नहीं पड़ेगा कोई असर
सरकार ने साफ किया है कि इस योजना से निजी बस संचालकों के मौजूदा परमिट और कारोबार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वे पहले की तरह अपने निर्धारित रूटों पर बसें चलाते रहेंगे। इसके अलावा योजना के बेहतर संचालन के लिए राज्य स्तरीय कंपनी और सात क्षेत्रीय कंपनियों में कुल 290 पद भी स्वीकृत किए गए हैं। इन पदों पर प्रशासनिक अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी।
मध्य प्रदेश सरकार की यह योजना प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है। इससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी, सुरक्षित यात्रा और आधुनिक बस सेवाओं का लाभ मिलेगा।
Read also :- किसानो को 5 दिन के भीतर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए खाद





