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Share Market Crash: 4 दिन में धड़ाम हुआ बाजार, निवेशकों के डूबे ₹11 लाख करोड़

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Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे कारोबारी दिन भारी बिकवाली देखने को मिली। मंगलवार को बाजार खुलते ही निवेशकों में हड़कंप मच गया। BSE SENSEX करीब 700 अंक टूटकर 75,276 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि NIFTY 50 भी फिसलकर 23,618 पर आ गया। सिर्फ 4 दिनों में सेंसेक्स 2700 अंक से ज्यादा टूट चुका है। देसी भाषा में कहें तो “दलाल स्ट्रीट पर पूरा माहौल लाल-लाल हो गया।”

निवेशकों के ₹11 लाख करोड़ स्वाहा

लगातार गिरते बाजार ने निवेशकों की नींद उड़ा दी है। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 473 लाख करोड़ रुपये से घटकर 462 लाख करोड़ रुपये रह गया। यानी महज चार दिनों में निवेशकों के करीब ₹11 लाख करोड़ डूब गए। छोटे निवेशकों में डर का माहौल साफ दिखाई दे रहा है और लोग तेजी से पैसा निकाल रहे हैं।

अमेरिका-ईरान तनाव बना सबसे बड़ा कारण

शेयर बाजार की इस बड़ी गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ रहे विवाद से वैश्विक बाजारों में डर फैल गया है। निवेशकों को डर है कि अगर हालात और बिगड़े तो दुनिया में आर्थिक संकट गहरा सकता है। यही वजह है कि बाजार में रिकवरी आते ही लोग तुरंत मुनाफावसूली करने लग रहे हैं।

कच्चे तेल और डॉलर ने बढ़ाई टेंशन

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं। इसका सीधा असर भारत जैसी तेल आयात करने वाली अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। वहीं भारतीय रुपया भी कमजोर होकर रिकॉर्ड निचले स्तर ₹95.63 तक पहुंच गया। कमजोर रुपया विदेशी निवेशकों को भारतीय बाजार से पैसा निकालने पर मजबूर कर रहा है।

महंगाई का डर और FII की बिकवाली

बढ़ती महंगाई ने भी बाजार की हालत खराब कर दी है। तेल महंगा होने से रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। दूसरी तरफ विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। यही वजह है कि बाजार को संभलने का मौका नहीं मिल पा रहा।

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अब निवेशकों को क्या करना चाहिए?

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस समय घबराकर फैसले लेने से बचना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशक मजबूत कंपनियों में SIP जारी रख सकते हैं। बाजार में उतार-चढ़ाव अभी कुछ दिन और बना रह सकता है। देसी अंदाज में कहें तो “शेयर बाजार में अभी तूफान थमता नजर नहीं आ रहा, इसलिए सोच-समझकर कदम उठाना ही समझदारी है।”

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