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खेत में विस्फोटक गोले से मवेशियों की मौत: 2 गायें मृत, 4 घायल; 11 बम निष्क्रिय, शिकार एंगल पर जांच
भौरा। शाहपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत कछार के ग्राम कोयलारी में खेत के पास तालाब किनारे कथित रूप से रखे गए बारूद मिले आटे के गोले मवेशियों के लिए जानलेवा साबित हुए। इन्हें खाने के दौरान हुए विस्फोट में 2 गायों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 4 गाय और बैल गंभीर रूप से घायल हो गए। पशुओं के फटे जबड़े और रक्तरंजित दृश्य ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और चिंता पैदा कर दी है।
घटना स्थल पर जांच के दौरान आटे के विस्फोटक गोले पाए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें से कुछ गोले मवेशियों द्वारा खा लिए गए, जबकि मौके पर पहुंची बम स्क्वॉड टीम ने शेष 9 गोले सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिए, जिससे संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि ये गोले संभवतः जंगली जानवरों विशेषकर जंगली सूअर का शिकार करने के उद्देश्य से रखे गए थे, लेकिन गलती से इन्हें गायों ने खा लिया। क्षेत्र में अवैध शिकार कर मांस बेचने की गतिविधियों की भी चर्चा है। हालांकि पुलिस ने इन आशंकाओं की जांच के बाद ही पुष्टि होने की बात कही है।
घटना स्थल जिस खेत के पास बताया जा रहा है, वह गांव निवासी राकेश चौहान का बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार घटना के बाद से वह और उसका पूरा परिवार गांव से लापता है, जिसके आधार पर उन पर शंका जताई जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता जांच पूरी होने के बाद ही तय होगी।
मंगलवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हुए और आक्रोश व्यक्त किया। सूचना पर पुलिस चौकी भौंरा प्रभारी नीरज खरे दल-बल के साथ पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करते हुए जांच प्रारंभ की। पंचनामा कार्रवाई कर प्रकरण दर्ज किया गया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए गौ सेवा समिति के हर्षित सोनी भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पशु चिकित्सा विभाग बैतूल के उपसंचालक सुरजीत सिंह, टीम के मौके पर पहुंचकर मृत गायों का पोस्टमार्टम किया। टीम के डॉ. राकेश सिंह ने प्रारंभिक जांच में विस्फोट से जबड़े फटने और गंभीर चोटों की पुष्टि की है, जबकि घायलों का उपचार जारी है।
पुलिस के अनुसार, मामले में पशु क्रूरता अधिनियम और विस्फोटक पदार्थों के अवैध उपयोग से संबंधित धाराओं के तहत जांच की जा रही है।
मामला अत्यंत गंभीर है। बम स्क्वॉड की सहायता से शेष विस्फोटकों को निष्क्रिय किया गया है। सभी पहलुओं की जांच जारी है।
नीरज खरे, प्रभारी, पुलिस चौकी भौंरा
यह घटना केवल पशु क्रूरता तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध शिकार और विस्फोटक के खतरनाक उपयोग की ओर भी इशारा करती है।जो भविष्य में किसी बड़े मानवीय हादसे का कारण बन सकता है।






