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बिना मान्यता वाले ठेकेदारों की भरमार, गरीबों के मकान निर्माण पर संकट

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खबरवाणी

बिना मान्यता वाले ठेकेदारों की भरमार, गरीबों के मकान निर्माण पर संकट

प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितताओं की आशंका, श्रम विभाग व नगर निगम से कार्रवाई की उम्मीद

बुरहानपुर
शहर में इन दिनों बिना पंजीकरण और बिना तकनीकी योग्यता वाले ठेकेदारों की संख्या तेजी से बढ़ती नजर आ रही है। स्थिति यह है कि निर्माण कार्य में लगे कई मजदूर भी खुद को ठेकेदार बताकर मकान निर्माण के ठेके लेने लगे हैं। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार हो रहे हैं, जो अपनी वर्षों की मेहनत की कमाई से घर बना रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई ऐसे लोग ठेकेदारी कर रहे हैं जिन्हें निर्माण कार्य का बुनियादी ज्ञान भी नहीं है। इसके चलते मकानों की गुणवत्ता और मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गरीबों की मेहनत पर असर
सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। लेकिन शहर में बिना मान्यता वाले ठेकेदारों की बढ़ती संख्या इस योजना के लाभार्थियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
कुछ मामलों में शिकायतें सामने आई हैं कि निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया या घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिससे लाभार्थियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
मजदूर से ठेकेदार बनने का चलन
शहर में यह भी देखने को मिल रहा है कि निर्माण कार्य में लगे कुछ मजदूर खुद को ठेकेदार बताकर काम लेने लगे हैं। हालांकि, उनके पास न तो कोई पंजीकरण है और न ही तकनीकी योग्यता, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि श्रम विभाग मध्य प्रदेश और नगर निगम इस पूरे मामले की जांच करें। यह भी स्पष्ट किया जाए कि शहर में कितने ठेकेदार विधिवत पंजीकृत हैं और कितने बिना अनुमति काम कर रहे हैं।
नियम क्या कहते हैं
निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों के लिए पंजीकरण, अनुभव और तकनीकी योग्यता आवश्यक मानी जाती है। साथ ही भवन निर्माण में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होता है। नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन की भूमिका पर सवाल
स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि क्या संबंधित विभागों को इस स्थिति की जानकारी नहीं है, या जानकारी होने के बावजूद पर्याप्त कार्रवाई नहीं की जा रही है। यदि समय रहते निगरानी और जांच की जाए तो ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सकती है।
जानकारों की राय
निर्माण क्षेत्र से जुड़े का मानना है कि बिना अनुभवी और पंजीकृत ठेकेदार से काम कराने पर भवन की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, जिससे भविष्य में सुरक्षा संबंधी जोखिम भी बढ़ सकते हैं।

बुरहानपुर में बढ़ती अव्यवस्थित ठेकेदारी पर समय रहते नियंत्रण जरूरी है। संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी जांच और निगरानी से न केवल गरीबों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सकेगी, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी सही तरीके से लोगों तक पहुंच पाएगा।

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