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नकली घी का खतरा जांच की मांग तेज

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खबरवाणी

नकली घी का खतरा जांच की मांग तेज

खुले में बिक रहे देसी घी और डेयरी उत्पादों पर उठे सवाल, संबंधित विभाग से सख्त निगरानी की मांग

बुरहानपुर
क ई जिलों में नकली और मिलावटी घी के खिलाफ लगातार कार्रवाई सामने आने के बाद अब बुरहानपुर जिले में भी इसको लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिले में कुछ स्थानों पर खुले में देसी घी और दूध से बने उत्पादों की बिक्री हो रही है, जिसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि अब तक जिले में बड़े स्तर पर नकली घी बनाने का कोई आधिकारिक मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर जांच की मांग तेज हो गई है।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि जिस तरह अन्य जिलों में नकली घी के कारखानों पर छापेमार कार्रवाई की जा रही है, उसी तरह बुरहानपुर में भी संबंधित विभाग को सतर्क होकर जांच करनी चाहिए। खासकर डेयरी उत्पादों और घी बनाने वाली इकाइयों की नियमित जांच आवश्यक बताई जा रही है।
खुले में बिक रहे घी पर उठे सवाल
शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर खुले में देसी घी बिकते देखा जा सकता है। बिना किसी ब्रांड या प्रमाणित लेबल के बिक रहे इन उत्पादों की शुद्धता को लेकर उपभोक्ताओं में संशय बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के उत्पादों में मिलावट की संभावना अधिक रहती है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर
मिलावटी घी का सेवन करने से पेट से जुड़ी बीमारियां, हृदय रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में यदि समय रहते जांच और कार्रवाई नहीं की गई तो यह आम जनता के लिए खतरा बन सकता है। डॉक्टरों का भी कहना है कि खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
कारखानों और डेयरी की जांच जरूरी
स्थानीय लोगों की मांग है कि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिले में संचालित घी बनाने वाले कारखानों, डेयरियों और दुकानों की सघन जांच की जाए। इसके साथ ही सैंपल लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण भी किया जाना चाहिए, ताकि मिलावट की स्थिति स्पष्ट हो सके।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
नागरिकों ने प्रशासन और खाद्य विभाग से अपील की है कि वे समय रहते सख्त कदम उठाएं और जिले में बिक रहे घी व दूध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करें। यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि उपभोक्ताओं की सुरक्षा बनी रहे।
सतर्कता ही बचाव का उपाय
विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को भी जागरूक रहने की जरूरत है। हमेशा प्रमाणित और भरोसेमंद स्रोत से ही घी और अन्य खाद्य पदार्थ खरीदें। सस्ते और बिना पहचान वाले उत्पादों से बचना चाहिए।
अन्य जिलों में नकली घी के खिलाफ हो रही कार्रवाई ने बुरहानपुर में भी चेतावनी का काम किया है। भले ही अभी तक कोई बड़ा मामला सामने नहीं आया हो, लेकिन संभावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ऐसे में प्रशासन की सतर्कता और समय पर जांच ही जनता को संभावित खतरे से बचा सकती है।

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