Search ई-पेपर ई-पेपर WhatsApp

उप नगर बिना वैध डिग्री के क्लीनिक खोल बैठे धनीराम, चंद्रभान और भोमिक; स्वास्थ्य विभाग ने फेरा मुंह

By
On:

खबरवाणी

उप नगर बिना वैध डिग्री के क्लीनिक खोल बैठे धनीराम, चंद्रभान और भोमिक; स्वास्थ्य विभाग ने फेरा मुंह

आमला । मरीजों की जान ‘भगवान भरोसे’: ग्रामीणों को गलत दवाइयों का डर, शिकायतों के बाद भी विभाग ने नहीं सरकाई जांच की एक ईंट

आमला। उपनगर बोड़खी बाजार क्षेत्र इन दिनों ‘झोलाछाप’ डॉक्टरों की सुरक्षित शरणस्थली बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने धनीराम बामने, चंद्रभान खाकरे और डॉ. भोमिक (बंगाली) जैसे कथित चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि ये व्यक्ति बिना किसी वैध चिकित्सा डिग्री या पंजीयन के धड़ल्ले से क्लीनिक संचालित कर रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग के नाक के नीचे चल रहे इस अवैध कारोबार पर विभाग ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई तो दूर, जांच की जहमत तक नहीं उठाई है

सांठगांठ का संदेह: रहस्यमयी चुप्पी दे रही हादसे को न्योता

स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की ‘रहस्यमयी चुप्पी’ किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है। लंबे समय से संचालित इन क्लीनिकों के पास न तो क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत अनुमति है और न ही डॉक्टरों के पास वैध प्रमाण पत्र। विभाग की यह कार्यप्रणाली क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है कि क्या सिस्टम वाकई पंगु हो चुका है या फिर इन ‘अवैध’
संचालकों को विभागीय संरक्षण प्राप्त है।

गलत इलाज और रिएक्शन की शिकायतें

बोड़खी क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने बताया कि यहां आने वाले अधिकांश मरीज ग्रामीण और भोले-भाले होते हैं, जिन्हें डिग्री और योग्यता की समझ नहीं होती। कई बार मरीजों ने गलत दवाइयों के कारण रिएक्शन और स्थिति बिगड़ने की शिकायतें भी की हैं। लेकिन रसूख और प्रशासनिक सांठगांठ के चलते हर बार मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। यदि समय रहते इन पर लगाम नहीं कसी गई, तो आमला में किसी भी दिन बड़ा स्वास्थ्य संकट खड़ा हो सकता है।

क्यों जरूरी है तत्काल जांच?

सुरक्षा का सवाल: बिना विशेषज्ञता के दी जाने वाली दवाइयां रिएक्शन कर सकती हैं, जो जानलेवा साबित होता है।
सत्यापन का अभाव: नियमतः हर क्लीनिक को अपनी डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर डिस्प्ले करना अनिवार्य है।
सरकारी दावों की पोल: एक ओर सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर नाक के नीचे फर्जी क्लीनिक फल-फूल रहे हैं।

इनका कहना है
बीएमओ आमला
डॉ अशोक नरवरे
राजस्व विभाग पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई की जाती है जब तक विभाग अधिकारी मौजूद रहेंगे तब ही डॉक्टर पर कार्रवाई की जायगी

For Feedback - feedback@example.com
Home Icon Home E-Paper Icon E-Paper Facebook Icon Facebook Google News Icon Google News