Search ई-पेपर ई-पेपर WhatsApp

भ्रष्टाचार व सामाजिक समस्याओं की मूल वजह सिविक सेंस की कमी, इसे शिक्षा में शामिल करने की मांग

By
On:

खबरवाणी

भ्रष्टाचार व सामाजिक समस्याओं की मूल वजह सिविक सेंस की कमी, इसे शिक्षा में शामिल करने की मांग

बुरहानपुर, “पालक महासंघ, बुरहानपुर” द्वारा एसडीएम बुरहानपुर को ज्ञापन सौंपकर विद्यालयी शिक्षा के पाठ्यक्रम में सिविक सेंस (नागरिक शिष्टाचार) को अनिवार्य रूप से शामिल करने की मांग की गई। महासंघ ने कहा कि आज देश में बढ़ता भ्रष्टाचार, मिलावटखोरी, प्रदूषण, अनुशासनहीनता और अन्य सामाजिक समस्याओं की मूल जड़ नागरिकों में सिविक सेंस की कमी है।

महासंघ ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली में अकादमिक ज्ञान पर तो जोर है, लेकिन अच्छे नागरिक बनने की शिक्षा का अभाव है। यदि बचपन से ही विद्यार्थियों में ईमानदारी, जिम्मेदारी, अनुशासन और समाज के प्रति कर्तव्यबोध विकसित किया जाए, तो इन समस्याओं पर सीधे नियंत्रण पाया जा सकता है।
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजेश भगत एवं
संस्था अध्यक्ष धर्मेन्द्र सोनी ने बताया कि सिविक सेंस को शिक्षा में शामिल करने से समाज में नैतिकता और जिम्मेदारी बढ़ेगी, जिससे भ्रष्टाचार में कमी आएगी, मिलावटखोरी पर रोक लगेगी, प्रदूषण घटेगा और कानूनों के पालन की प्रवृत्ति मजबूत होगी। साथ ही, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने से गरीबी और सामाजिक असंतुलन को भी कम करने में सहायता मिलेगी।

वरिष्ठ मार्गदर्शक राजीव खेडकर ने इसे समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए प्रशासन से आग्रह किया कि इस विषय को गंभीरता से लेते हुए इसे विद्यालयों में अनिवार्य रूप से लागू करने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल देश को स्वच्छ, ईमानदार और विकसित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस अवसर पर अताउल्ला खान, रियाज उल हक़ अंसारी, नंदकुमार वाणे, डॉ युसुफ खान, राजकुमार वचछानी, राजेश भगत और संस्था सदस्य उपस्थित थे।

For Feedback - feedback@example.com
Home Icon Home E-Paper Icon E-Paper Facebook Icon Facebook Google News Icon Google News