Rupee at All time Low: भारतीय मुद्रा Indian Rupee ने आज इतिहास का सबसे निचला स्तर छू लिया। 27 मार्च 2026 को बाजार खुलते ही रुपया गिरकर 94.28 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। ये पहली बार है जब रुपया ₹94 के पार गया है। देसी भाषा में कहें तो “रुपया पूरी तरह फिसल गया”।
डॉलर की मजबूती से बढ़ा दबाव
दूसरी तरफ US Dollar लगातार मजबूत होता जा रहा है। जब दुनिया में तनाव बढ़ता है, तो निवेशक डॉलर को सुरक्षित मानते हैं। इसी वजह से लोग डॉलर खरीद रहे हैं और रुपया कमजोर होता जा रहा है। इसे आसान भाषा में समझें तो “सब लोग सुरक्षित जगह भाग रहे हैं”।
क्रूड ऑयल की आग ने बढ़ाई परेशानी
रुपये की गिरावट का सबसे बड़ा कारण महंगा क्रूड ऑयल है। Brent Crude Oil की कीमत $107 प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है। भारत लगभग 88% तेल आयात करता है, जिससे खर्च बढ़ता है और रुपया दबाव में आ जाता है। देसी अंदाज में बोले तो “तेल महंगा, तो जेब ढीली”।
ईरान तनाव से बढ़ी अनिश्चितता
मध्य पूर्व में चल रहे Iran-US tensions ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। शांति की उम्मीद कम होती दिख रही है, जिससे निवेशकों में डर बढ़ गया है। जब तक ये तनाव खत्म नहीं होता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
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RBI की नजर, क्या होगा आगे?
अब सबकी नजर Reserve Bank of India पर है। एक्सपर्ट मानते हैं कि RBI बाजार में दखल देकर रुपया संभालने की कोशिश कर सकता है। अगर हालात सुधरते हैं, तो रुपया 1-1.5 रुपये तक मजबूत हो सकता है, लेकिन फिलहाल “मार्केट में टेंशन फुल ऑन है”।





