Arvind Kejriwal ने हाल ही में खुद को कथित शराब घोटाले के आरोपों से बरी होने के बाद बड़ा राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते पर चलते हुए अपनी सबसे बड़ी “अग्नि परीक्षा” पास कर ली है। अब समय आ गया है कि झाड़ू के प्रतीक के साथ पूरे देश को साफ किया जाए।
कोर्ट का फैसला: “फियरसली ऑनस्ट” की मिली पहचान
दिल्ली की निचली अदालत के फैसले ने Aam Aadmi Party और केजरीवाल की छवि को मजबूत किया है। कोर्ट ने साफ कहा कि आरोपों को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है। ना कोई गवाह मिला और ना ही कोई ऐसा आधार जिससे केस चल सके। यह फैसला बीजेपी के आरोपों पर बड़ा झटका माना जा रहा है।
बीजेपी पर हमला: “साजिश थी हमें बदनाम करने की”
केजरीवाल ने Bharatiya Janata Party और Narendra Modi पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें बदनाम करने की साजिश रची गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के लालच में उन्हें जेल भेजा गया और दिल्ली की जनता को परेशान किया गया। उनका कहना है कि जनता अब सच्चाई समझ चुकी है।
जेल और जांच एजेंसियों का दबाव
केजरीवाल ने बताया कि ED, CBI और अन्य एजेंसियों ने उनके घर, ऑफिस और बैंक खातों की पूरी जांच की, लेकिन ₹100 करोड़ का कोई सबूत नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अगर सच में घोटाला हुआ होता तो पैसा कहीं ना कहीं मिलता, लेकिन “एक पैसा तक नहीं मिला”। इसके बावजूद उन्हें और उनके नेताओं को जेल में डाला गया।
“हम नहीं झुके, क्योंकि हम सच के साथ थे”
केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी के बड़े नेताओं पर बीजेपी में शामिल होने का दबाव बनाया गया, लेकिन कोई नहीं टूटा। उनका कहना है कि अगर उन्होंने कुछ गलत किया होता तो वे भी अन्य नेताओं की तरह बीजेपी जॉइन कर लेते। लेकिन उन्होंने सच का साथ नहीं छोड़ा और आज सिर ऊंचा करके खड़े हैं।
“रामायण से सीख: सच की राह कठिन होती है”
केजरीवाल ने अपने संघर्ष की तुलना रामायण की अग्नि परीक्षा से की। उन्होंने कहा कि जैसे माता सीता को अपनी पवित्रता साबित करनी पड़ी, वैसे ही AAP को भी झूठे आरोपों का सामना करना पड़ा। लेकिन अंत में सच की जीत हुई और पार्टी बेदाग साबित हुई।
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