मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले का नाम “Operation Epic Fury” रखा गया। इस नाम को लेकर अब एक दिलचस्प खुलासा हुआ है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने खुद बताया कि इस ऑपरेशन के लिए उन्हें 20 अलग-अलग नाम सुझाए गए थे, लेकिन उन्हें उनमें से सिर्फ “Epic Fury” ही पसंद आया।
नीचे जानिए इस ऑपरेशन के नाम के पीछे की कहानी और इसके पीछे की वजह।
ऑपरेशन ‘Epic Fury’ नाम कैसे चुना गया
Operation Epic Fury का नाम चुनने को लेकर ट्रंप ने कहा कि सेना के अधिकारियों ने उन्हें करीब 20 संभावित नामों की लिस्ट दी थी। लेकिन ज़्यादातर नाम उन्हें खास जमे नहीं।
ट्रंप ने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा कि इतने सारे नाम देखकर तो उन्हें नींद आने लगी थी। तभी उनकी नज़र “Epic Fury” पर पड़ी और उन्होंने तुरंत कहा – “मुझे ये नाम पसंद है।”
बस फिर क्या था, उसी नाम पर मुहर लग गई और ऑपरेशन को यही नाम दे दिया गया।
ट्रंप ने क्यों ठुकराए बाकी 19 नाम
ट्रंप ने बताया कि सेना के जनरल्स ने बड़े सोच-समझकर कई नाम सुझाए थे। लेकिन उन्हें उनमें वो दम नहीं लगा।
उनके मुताबिक, ऑपरेशन का नाम ऐसा होना चाहिए जो ताकत और सख्ती दिखाए। “Epic Fury” नाम में वही गुस्सा और ताकत झलकती थी, इसलिए उन्होंने बाकी सारे नाम साइड में रख दिए और इसी को फाइनल कर दिया।
अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हमला क्यों किया
रिपोर्ट्स के मुताबिक, United States और Israel ने मिलकर Iran पर यह हमला किया। ट्रंप के अनुसार यह एक सीमित सैन्य कार्रवाई थी।
उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन उन लोगों के खिलाफ किया गया जिन्हें अमेरिका अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानता है। ट्रंप का कहना था कि कुछ “बहुत बुरे लोगों” को खत्म करना जरूरी था।
ट्रंप का दावा – ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा
ट्रंप ने दावा किया कि यह ऑपरेशन अपने मकसद में पूरी तरह कामयाब रहा। उनके मुताबिक, सेना ने बहुत जल्दी अपने लक्ष्य हासिल कर लिए।
उन्होंने कहा, “जीतना अच्छा लगता है और हमने जीत हासिल की है।” ट्रंप के इस बयान से साफ है कि वह इस सैन्य कार्रवाई को बड़ी सफलता मानते हैं।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
ईरान पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है। पहले से ही इस इलाके में कई संघर्ष चल रहे हैं और अब यह कार्रवाई पूरे क्षेत्र की राजनीति और सुरक्षा पर बड़ा असर डाल सकती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले दिनों में हालात और भी संवेदनशील हो सकते हैं, इसलिए दुनिया की नजर अब इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई है।
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