गुढी पड़वा, महाराष्ट्र और गोवा के हिन्दू समाज के लिए नया साल का पहला दिन है। यह त्योहार चैत्र मास की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को मनाया जाता है। हर साल लोग इस दिन घरों में गुढ़ी लगाते हैं, नई चीजें पहनते हैं और स्वादिष्ट व्यंजन बनाते हैं।
गुढी पड़वा 2026 की तारीख
ड्रिक पंचांग के अनुसार, गुढी पड़वा 2026 की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च, गुरुवार से सुबह 6:52 बजे शुरू होकर 20 मार्च की सुबह 4:52 बजे समाप्त होगी। इसलिए इस साल गुढी पड़वा 19 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन शाका संवत 1948 की शुरुआत भी होगी।
शुभ समय (मुहूर्त)
गुढी पड़वा पर कुछ खास मुहूर्त होते हैं, जिनमें पूजा और घर में गुढी लगाने का विशेष महत्व है।
सूर्योदय – 6:26 AM
चंद्रास्त – 6:58 PM
ब्रह्म मुहूर्त – 4:51 AM से 5:38 AM
विजय मुहूर्त – 2:29 PM से 3:18 PM
अभिजीत मुहूर्त – 12:04 PM से 12:53 PM
संध्या मुहूर्त – 6:31 PM से 7:43 PM
इन मुहूर्तों में पूजा और शुभ कार्य करना लाभकारी माना जाता है।
गुढी पड़वा मनाने की परंपरा
इस दिन सुबह जल्दी उठकर तेल से स्नान करना शुभ माना जाता है। इसके बाद नए कपड़े पहनकर घर के मुख्य द्वार पर गुढ़ी लगाई जाती है। गुढ़ी पर लाल और पीले रंग का कपड़ा, नारियल, मेंहदी और गमले में रखे हुए फूल सजाए जाते हैं। इसके बाद नीम के पत्ते और गुड़ का सेवन किया जाता है, जिससे स्वास्थ्य और समृद्धि आती है।
गुढी पड़वा का महत्व
गुढी पड़वा का धार्मिक और सामाजिक महत्व बहुत बड़ा है। इसे लगाने से घर में खुशहाली, सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि आती है। साथ ही यह स्वास्थ्य और परिवार में शांति के लिए भी शुभ माना जाता है। महाराष्ट्र और गोवा में इस दिन को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।
गुढी पड़वा और उगादी
गुढी पड़वा महाराष्ट्र और गोवा में मनाया जाता है, वहीं कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में यही त्योहार उगादी के नाम से जाना जाता है। दोनों ही जगह नए साल के स्वागत और चैत्र नवरात्रि की शुरुआत के प्रतीक हैं। इस दिन विशेष पूजा, मीठे पकवान और नृत्य-भजन का आयोजन किया जाता है।
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