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259 लाख के आवेरबिज भूमि पूजन में विकास के नाम पर सियासी भेदभाव नगर पालिका अध्यक्ष आमला के भूमि पूजन में अनदेखीं।

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खबरवाणी

259 लाख के आवेरबिज भूमि पूजन में विकास के नाम पर सियासी भेदभाव नगर पालिका अध्यक्ष आमला के भूमि पूजन में अनदेखीं।

रमली बांध क्षेत्र में 02 करोड़ 59 लाख रूपए की लागत से बनने वाले ओवरब्रिज के भूमि पूजन कार्यकम ने विकास से ज्यादा सियासत की सुर्खियां बटोर ली है। जिस कार्यकम को शहर के लिए बड़ी सौगात बताया गया उसी आयोजन में नगरपालिका अध्यक्ष आमला को आमंत्रण न देकर नगर सरकार को पूरी तरह किनारे कर दिया। जिसमे शहर की राजनीति में भूचाल आ गया है। कार्यक्रम में केवल चुनिंदा जनप्रतिनिधियो की मौजूदगी रहीं, जबकि नगर की निर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी खाली नजर आई तो स्थानीय लोगो का कहना है कि जब ओवरबिज नगर की जनता के लिए बन रहा है, तो फिर नगर सरकार के मुखिया को बाहर रखने की क्या औचित्य है। आयोजन की मंशा पर अब खुलेआम सवाल उठने लगे है।

कांग्रेज पार्षदो का कहना है कि, यह आयोजन विकास के नाम पर राजनीतिक बदले की भावना से किया गया। जो कि नगर विकास कार्यों में भेदभाव लोकतंत्र के मूल सिद्धांतो के खिलाफ है। यह सीधे सीधे जनमत का अपमान है। शहर में अब यह चर्चा आम है कि, ओवरब्रिज का भूमि भूजन कम और राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन ज्यादा था। यह विवाद आने वाले दिनो में और तूल पकड़ सकता है। जनता अब यह सवाल पूछ रहीं है, क्या विकास केवल एक दल का अधिकार है, या पूरे शहर का। जब ओवरब्रिज पूरे नगर के लिए बन रहा है, तो फिर नगर पालिका अध्यक्ष पार्षदो और सी.एम.ओ को कार्यक्रम में क्यो नहीं बुलाया गया। इतनी बड़ी सौगात दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। तो इसके लिए उनका भी स्वागत होना चाहिए जो कि विकास के नाम सियासी खेल क्यो खेला जा रहा है।

नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाडरे का बड़ा आरोपः नगरपालिका अध्यक्ष नितिन गाइरे ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुऐ कहा कि यह जानबूझकर किया गया कदम है, उन्होने कहा कि उन्हे आमंत्रित न कर उनके सवैधानिक पद का अपमान का नहीं, बल्कि पूरे नगर की जनता का अपमान है। गाडरे ने साफ शब्दों में कहा कि विकास कार्य राजनीति से उपर होने चाहिए, लेकिन यहां विकास को भी राजनीतिक हथियार बना लिया गया है। उन्होने चेतावनी दी कि इस तरह की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पूरे मामले को उचित मंच पर मजबूती से उठाया जावेगा। यहां तक उक्त बिज वार्ड नं 05 में आता है, जिसमें भा.ज.पा के पार्षद राकेश शर्मा का नाम भी शिलायंस बोर्ड पर अंकित नहीं है। जो कि कार्यक्रम में चर्चा का विषय बना रहा।

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