Search ई-पेपर ई-पेपर WhatsApp

नामांकन दाखिल करने से पहले सुदर्शन रेड्डी ने राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कहा- लोकतंत्र में जब सड़क खामोश हो जाती है तो सदन आवारा हो जाता है

By
On:

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर दिल्ली की सियासत गरमा गई है। एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के नामांकन के बाद अब विपक्षी इंडिया गठबंधन की ओर से सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और गोवा के पहले लोकायुक्त बी. सुदर्शन रेड्डी ने गुरुवार को पर्चा दाखिल कर दिया है। नामांकन दाखिल करने से पहले उन्होंने राहुल गांधी की सक्रियता की खुलकर सराहना की और डॉ. राम मनोहर लोहिया के मशहूर कथन का हवाला देते हुए सरकार पर तीखा प्रहार किया।
पूर्व जज सुदर्शन रेड्डी ने कहा, कि राहुल गांधी सड़क को खामोश नहीं होने देते। उनकी सक्रियता ने न केवल केंद्र को बल्कि तेलंगाना सरकार को भी जातिगत जनगणना के लिए बाध्य किया। लोकतंत्र में जब सड़क खामोश हो जाती है तो सदन आवारा हो जाता है, लेकिन राहुल गांधी ने इसे कभी खामोश नहीं रहने दिया। इसी के साथ उन्होंने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि यह सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार पर खतरे की घंटी है। उन्होंने चेतावनी दी, कि जब आम आदमी का वोट छीनने की कोशिश होगी तो लोकतंत्र का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा। मौजूदा हालात संविधान के लिए सबसे बड़ा संकट हैं।
राजनीति नहीं, संवैधानिक यात्रा
पूर्व जज रेड्डी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के एक जज ने उनसे पूछा था कि वे राजनीतिक दलदल में क्यों आ रहे हैं। इस पर उनका जवाब था, कि मेरा सफर 1971 में वकील के तौर पर शुरू हुआ था। मौजूदा चुनौती भी उसी संवैधानिक यात्रा का हिस्सा है। उपराष्ट्रपति का पद राजनीतिक नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्था है।

For Feedback - feedback@example.com
Home Icon Home E-Paper Icon E-Paper Facebook Icon Facebook Google News Icon Google News