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HDFC रिपोर्ट: उपभोक्ता आधारित सेक्टर्स में रहेगी मिश्रित वृद्धि, निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह

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व्यापार : भारत का उपभोक्ता विवेकाधीन क्षेत्र में मिलेजुले संकेत रहने की संभावना है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार इस क्षेत्र में सकारात्मक और नकारात्मक दोनों कारकों के संयोजन के कारण वार्षिक आधार पर 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हो सकती है। 

क्या है उपभोक्ता विवेकाधीन क्षेत्र ?

कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी उन वस्तुओं और सेवाओं से जुड़ा होता है जो जीवन के लिए अनिवार्य नहीं होतीं, लेकिन आय बढ़ने पर लोग इनकी इच्छा रखते हैं। 

नए युग के व्यवसाय में मजबूत वृद्धि की संभावना

रिपोर्ट में कहा गया कि नए युग के व्यवसाय इस सेक्टर को मजबूती देंगे। यह 49 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ सकता है। वहीं, पेंट कंपनियों की धीमी वृद्धि दर इस क्षेत्र पर दबाव बना सकती है। 

इन क्षेत्रों में होगी इतनी वृद्धि

इसके अलावा रिपोर्ट में आभूषण में लगभग 20 प्रतिशत, फूड एंड ग्रॉसरी में 16 प्रतिशत, परिधान में 16 प्रतिशत और फुटवियर में 7 प्रतिशत क्षेत्रों में होगी वृद्धि का अनुमान है। विभिन्न श्रेणियों में समान-स्टोर बिक्री वृद्धि (एसएसएसजी) के पहली तिमाही के प्रदर्शन में उल्लेखनीय अंतर देखने को मिलेगा। विशेष रूप से आभूषण क्षेत्र में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है, जबकि ऑफलाइन फूड एंड ग्रॉसरी और वैल्यू रिटेलिंग परिधान में स्थिर वृद्धि की संभावना है। दूसरी ओर, फुटवियर खंड, पेंट कंपनियों और नए युग के व्यवसायों के एसएसएसजी में पहली तिमाही में मांग का दबाव देखने को मिल सकता है।

मार्जिन और ब्रैंड वैल्यूएशन पर असर

एचडीएफसी सिक्योरिटीज का कहना है कि हमारे विवेकाधीन क्षेत्र के मार्जिन में 80 आधार अंकों की गिरावट के साथ 9.6 प्रतिशत तक की गिरावट आने की उम्मीद है। यह कमजोर एसएसएसजी और क्विक कॉमर्स में हो रहे नुकसान के कारण होगा। हालांकि, नए यूग के बिजनेस को छोड़ दें तो मार्जिन लगभग सपाट रहने की संभावना है। इसके अलावा, विवेकाधीन क्षेत्र में आय में गिरावट का दौर देखा गया है। जबकि ब्रांड वैल्यूएशन अभी भी आकर्षक बना हुआ है।

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