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भोपाल से पीएम मोदी का PAK को कड़ा संदेश, ‘आतंक के खिलाफ लड़ाई अभी बाकी है’

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भोपाल: ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही पीएम मोदी के देशभर के अलग-अलग राज्यों में दौरे हो रहे हैं. बीते दिनों गुजरात, बंगाल, बिहार, यूपी के बाद अब पीएम मोदी मध्यप्रदेश दौरे पर हैं. यहां देवी अहिल्याबाई महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन को संबोधित किया. मध्यप्रदेश सरकार ने देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहला सम्मेलन आयोजित किया है. इस दौरान पीएम मोदी ने कई योजनाओं का शिलान्यास किया. पूरे भोपाल में ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े पोस्टर्स लगाए गए हैं. सीएम मोहन यादव ने पीएम मोदी को होल्कर राजवंश की पगड़ी पहनाकर मंच पर स्वागत किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी भोपाल जनसभा एमपी की पहली मेट्रो रेल, सतना और दतिया एयरपोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन भी किया. पीएम मोदी ने मंच पर पहुंचने से पहले देवी अहिल्यबाई को लेकर लगी प्रदर्शनी देखी, इसके साथ ही महिला बुनकरों और ड्रोन दीदी से बात की. पीएम मोदी खुली जीप में सवार होकर मंच तक पहुंचे. इस दौरान उनके साथ सीएम मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा मौजूद रहे. खास बात ये है कि भोपाल की इस जनसभा में हर जगह तिरंगे झंडे दिखाई दिए. दतिया से पहले विमान को महिला पायलट ही उड़ाएगी, जो इस आयोजन में नारी शक्ति के प्रभावशाली प्रतिनिधित्व का प्रतीक बनेगी.

आतंक के खिलाफ लड़ाई जारी
पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा कि आतंकियों ने नारी नारी शक्ति को चुनौती दी थी. बस यही उनके लिए काल बन गई. हमारी सेना ने दुश्मन के घर में सैकड़ों किमी दूर घुसकर उनके आतंकी ठिकानों को तबाह किया. ऑपरेशन सिंदूर भारत के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा सफल ऑपरेशन है. गोली का जवाब गोले से दिया जाएगा. आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अभी थमी नहीं है.

शासन का सही अर्थ जनता की सेवा करना
पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सबसे पहले मैं मां भारती को, भारत की मातृशक्ति को प्रणाम करता हूं. आज यहां इतनी बड़ी संख्या में माताएं-बहनें-बेटियां हमें आशीर्वाद देने आई हैं. मैं आप सभी के दर्शन पाकर धन्य हो गया हूं. आज लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर जी की 300वीं जन्मजयंती है. 140 करोड़ भारतीयों के लिए ये अवसर प्रेरणा का है. राष्ट्र निर्माण के लिए हो रहे भगीरथ प्रयासों में अपना योगदान देने का है. उन्होंने कहा कि देवी अहिल्याबाई कहती थी कि शासन का सही अर्थ जनता की सेवा करना और उनके जीवन में सुधार लाना होता है. आज का कार्यक्रम उनकी इस सोच को आगे बढ़ाता है. आज इंदौर मेट्रो की शुरुआत हुई है, दतिया और सतना भी अब हवाई सेवा से जुड़ गए हैं.

लोकमाता ने गरीब से गरीब को सामर्थ- पीएम
प्रधानमंत्री मोदी ने ने कहा कि ढाई-तीन सौ साल पहले जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था, उस समय ऐसे महान कार्य कर जाना कि आने वाली अनेक पीढ़ियां उसकी चर्चा करे, ये कहना तो आसान है, करना आसान नहीं था. लोकमाता अहिल्याबाई ने प्रभु सेवा और जन सेवा, इसे कभी अलग नहीं माना. कहते हैं वे हमेशा शिवलिंग अपने साथ लेकर चलती थीं. उन्होंने कहा कि उस चुनौतीपूर्ण कालखंड में एक राज्य का नेतृत्व, कांटों से भरा ताज, कोई कल्पना कर सकता है, कांटों से भरा ताज पहनने जैसा वो काम, लेकिन लोकमाता ने अपने राज्य को नई दिशा दी. उन्होंने गरीब से गरीब को समर्थ बनाने का काम किया.

भारत की विरासत की बहुत बड़ी संरक्षक देवी अहिल्याबाई
पीएम ने कहा कि देवी अहिल्याबाई भारत की विरासत की बहुत बड़ी संरक्षक थीं. जब देश की संस्कृति पर, हमारे मंदिरों, हमारे तीर्थ स्थलों पर हमले हो रहे थे, तब लोकमाता ने उन्हें संरक्षित करने का बीड़ा उठाया. उन्होंने काशी विश्वनाथ सहित पूरे देश में हमारे अनेकों मंदिरों का, हमारे तीर्थों का पुनर्निर्माण किया. उन्होंने कहा कि देश में 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं और विभिन्न आर्थिक गतिविधियों में लगी हुई हैं. सरकार उन्हें लाखों रुपए की वित्तीय सहायता दे रही है, ताकि ये बहनें आय के नए स्रोत बना सकें. देवी अहिल्याबाई ने एक बार बहुत ही प्रेरणादायक बात कही थी, जिसे हमें कभी नहीं भूलना चाहिए. उनके शब्दों को इस तरह से कहें तो- जो कुछ भी हमें मिलता है, वह लोगों द्वारा दिया जाता है और हमें उसे चुकाना चाहिए. आज हमारी सरकार लोकमाता अहिल्याबा के इन्हीं मूल्यों के अनुरूप काम कर रही है.

पीएम ने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि जिस काशी में लोकमाता अहिल्याबाई ने विकास के इतने काम किए, उस काशी ने मुझे भी सेवा का अवसर दिया है. आज अगर आप काशी विश्वनाथ महादेव के दर्शन करने जाएंगे, तो वहां आपको देवी अहिल्याबाई की मूर्ति भी मिलेगी.

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