महाप्रबंधक बोले अभी नहीं कुछ नहीं बोल सकता
2000 Note – बैतूल – 2016 में रिजर्व बैंक द्वारा 2 हजार के नोट शुरू किए थे, लेकिन 20 मई 2023 को इन नोटों के संबंध में नए निर्देश जारी हुए और यह बताया गया कि सितम्बर के बाद ये नोट चलन में नहीं रहेगा। वैसे भी लम्बे समय से इस नोट का छपना बंद हो गया था और बाजार से भी लगभग गायब हो गए थे।
शुरू हो चुकी है प्रक्रिया | 2000 Note
आदेश के बाद जिले के समस्त राष्ट्रीयकृत बैंकों में 2 हजार का नोट जमा करने और बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। लेकिन जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बैतूल के अंतर्गत आने वाली शाखाओं में 2 हजार रुपए के नोट बदले नहीं जा रहे हैं जिससे ग्राहकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 2 हजार के नोट बदलने की प्रक्रिया को लेकर जब सांध्य दैनिक खबरवाणी ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के महाप्रबंधक आलोक यादव से पूछा तो वे अपने आपको असहज महसूस करते हुए दिखे और बोले अभी कुछ नहीं बोल सकता हूं।
सहकारी केंद्रीय में जमा नहीं किए जा रहे नोट | 2000 Note
गौरतलब है कि 20 मई 2023 को रिजर्व बैंक ने आदेश किए थे कि 2 हजार के नोट चलन से बाहर किए जा रहे हैं और 23 मई से इन नोटों को बदलने या वापस करने की प्रक्रिया शुरू होगी। रिजर्व बैंक के आदेश के बाद राष्ट्रीकृत बैंकों ने इस प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। प्रक्रिया के 6 दिन होने के बाद जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की जिले भर में स्थित शाखाओं में नोट जमा नहीं किए जा रहे हैं और ग्राहकों को सीधा जवाब मिल रहा है कि अभी उन्हें निर्देश नहीं मिले हैं जिसके कारण नोट जमा नहीं किए जा सकते हैं। नाम ना छापने की शर्त पर एक ग्राहक ने बताया कि जब मैं नोट जमा करने के लिए शाखा में गया तो मुझे मना कर दिया गया है और कहा गया कि अभी हमें वरिष्ठ कार्यालय से मार्गदर्शन नहीं मिला है कि क्या करना है? इसको लेकर मैं काफी डरा हुआ हूं क्योंकि मेरा खाता सहकारी बैंक में है और किसी बैंक में नहीं है। अगर समय रहते मेरे नोट जमा नहीं हुए तो मुझे बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के महाप्रबंधक आलोक यादव से सांध्य दैनिक खबरवाणी ने चर्चा की तो पहले उन्होंने कहा कि अभी निर्देश नहीं आया है फिर उन्होंने कहानी सुनाते हुए कहा कि पिछले बार नोट बंदी के दौरान निर्देश नहीं आए थे और नोट बदलने की प्रक्रिया सहकारी बैंकों की शाखाओं में हो गई थी, बाद में निर्देश आया कि यह प्रक्रिया सिर्फ कमर्शियल बैंकों में होनी थी ना की सहकारी बैंकों में। जब उनसे पूछा गया कि इस संबंध में आपको क्या कहना है स्पष्ट रूप से बताए तो उन्होंने कहा अभी कुछ नहीं बोल सकता हूं। इससे ऐसा लगता है कि महाप्रबंधक आलोक यादव या तो इस मामले में गंभीर नहीं है या कंफ्यूज है। इस संबंध में बैतूल जिला सहकारिता उपायुक्त केबी सोरते को उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हुआ।





