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Urine Symptoms: पेशाब का रंग बताएगा बीमारी का राज: जानें कौन सा रंग किस रोग का संकेत है

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Urine Symptoms: अक्सर लोग अपनी सेहत को लेकर सतर्क रहते हैं, लेकिन पेशाब (Urine) के रंग को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि पेशाब का रंग शरीर में छिपी बीमारियों का सीधा संकेत देता है। फोमी यूरिन (Foamy Urine) जहां प्रोस्टेट कैंसर का लक्षण हो सकता है, वहीं रंग बदलने पर कई गंभीर बीमारियों की संभावना भी हो सकती है।

विशेषज्ञों की राय क्या कहती है?

चंडीगढ़ की संतुष्टि होलिस्टिक हेल्थ की डाइटिशियन लवलीन कौर का कहना है कि हमें हमेशा अपने पेशाब के रंग पर ध्यान देना चाहिए। यह शरीर में हो रही असामान्य गतिविधियों का संकेत होता है।

  • ज्यादा पानी पीने पर पेशाब एकदम साफ और पारदर्शी हो सकता है।
  • यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन (Electrolyte Imbalance) की ओर इशारा करता है।
  • पेशाब का सामान्य हल्का पीला रंग सेहतमंद स्थिति दर्शाता है।

लाल रंग का पेशाब – सबसे गंभीर संकेत

अगर पेशाब का रंग लाल है तो यह सबसे खतरनाक संकेत माना जाता है।

  • यह तब होता है जब किडनी या प्रोस्टेट से जुड़े ट्यूब से खून लीक होता है।
  • ब्लड मिश्रित पेशाब किडनी स्टोन, इंफेक्शन या प्रोस्टेट कैंसर का लक्षण हो सकता है।
  • ऐसे में तुरंत डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

पीला पेशाब – डिहाइड्रेशन या लिवर रोग का लक्षण

आमतौर पर पेशाब का रंग हल्का पीला होता है, लेकिन अगर यह गाढ़ा पीला दिखे तो सावधान रहें।

  • डिहाइड्रेशन इसकी सबसे बड़ी वजह है।
  • इसके अलावा यह लिवर रोग या हाई कोलेस्ट्रॉल का भी संकेत हो सकता है।
  • पर्याप्त पानी पीना और नियमित चेकअप कराना जरूरी है।

नारंगी, हरा और नीला पेशाब – खाने-पीने और दवा का असर

कभी-कभी पेशाब का रंग नारंगी, हरा या नीला भी दिखाई दे सकता है।

  • यह आमतौर पर फूड कलर वाले खाने के सेवन से होता है।
  • कुछ दवाइयों का भी ऐसा साइड इफेक्ट हो सकता है।
  • हालांकि लगातार ऐसा होने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

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बैंगनी पेशाब – जेनेटिक रोग का संकेत

अगर पेशाब का रंग बैंगनी (Purple Urine) हो तो यह बेहद असामान्य स्थिति है।

  • इसे पोरफीरिया (Porphyria) कहा जाता है, जो एक जेनेटिक डिसऑर्डर है।
  • यह रोग नसों और नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता है।
  • ऐसे मामले में तुरंत मेडिकल टेस्ट कराना जरूरी है।
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