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तनाव और चिंता दूर करने के आयुर्वेदिक तरीके: योग और घरेलू नुस्खों से पाएँ राहत

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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और चिंता लगभग हर व्यक्ति की समस्या बन चुकी है। काम का दबाव, परिवार की जिम्मेदारियाँ और सोशल मीडिया पर दूसरों की जिंदगी से तुलना करना मन को बेचैन कर देता है। आयुर्वेद के अनुसार तनाव केवल मानसिक समस्या नहीं है, बल्कि शरीर और मन के असंतुलन का परिणाम होता है। जब शरीर में वात दोष बढ़ जाता है, तो मन अशांत होने लगता है और चिंता बढ़ जाती है। ऐसे में कुछ आसान योग, प्राणायाम और आयुर्वेदिक उपाय अपनाकर आप अपने मन को शांत और संतुलित रख सकते हैं।

प्राणायाम से दूर करें तनाव और बेचैनी

प्राणायाम यानी सांसों को नियंत्रित करने की योग क्रिया, मन को शांत करने का सबसे आसान और असरदार तरीका है। अनुलोम-विलोम रोज करने से शरीर की नाड़ियाँ साफ होती हैं और दिमाग को शांति मिलती है। यह फेफड़ों को मजबूत बनाने में भी मदद करता है।
वहीं भस्त्रिका प्राणायाम करने से शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ता है, जिससे नकारात्मक विचार धीरे-धीरे कम होने लगते हैं। भ्रामरी प्राणायाम करने से दिमाग को गहरी शांति मिलती है और मन हल्का महसूस करता है।

तनाव कम करने वाले योगासन

कुछ योगासन ऐसे हैं जो दिमाग को आराम देने और मानसिक थकान कम करने में काफी मददगार होते हैं। शीर्षासन और सर्वांगासन जैसे आसन करने से दिमाग तक रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे मन ताजा और शांत महसूस करता है।
इसके अलावा योगमुद्रासन और मंडूकासन पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं। आयुर्वेद के अनुसार जब पाचन ठीक रहता है तो मन भी स्थिर और खुश रहता है।

आयुर्वेदिक औषधियाँ जो तनाव में देती हैं राहत

आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी-बूटियाँ हैं जो दिमाग को ताकत देती हैं और तनाव कम करने में मदद करती हैं। मेधा वटी को आयुर्वेद में दिमाग को शांत करने वाली औषधि माना जाता है, जो चिंता और अनिद्रा में लाभ देती है।
बादाम पाक को दूध के साथ लेने से दिमाग की नसों को पोषण मिलता है और मानसिक कमजोरी दूर होती है। वहीं अश्वगंधा शरीर में कॉर्टिसोल यानी तनाव हार्मोन को कम करने में मदद करती है।

नसों को मजबूत बनाते हैं देसी घरेलू उपाय

हमारे घरों में भी कई ऐसे देसी नुस्खे हैं जो मन को शांत रखने में मदद करते हैं। रोज सुबह गुनगुने दूध में बादाम या अश्वगंधा पाउडर मिलाकर पीने से दिमाग को ताकत मिलती है।
इसके अलावा रात को सोने से पहले हल्का ध्यान या प्राणायाम करने से नींद अच्छी आती है और दिनभर की थकान भी दूर हो जाती है।

नस्य थेरेपी से मिलती है मानसिक शांति

आयुर्वेद में नस्य थेरेपी को दिमाग से जुड़ी समस्याओं के लिए बहुत लाभकारी माना गया है। इस प्रक्रिया में नाक के जरिए औषधीय तेल डाला जाता है। आमतौर पर अनु तैल या बादाम रोगन का उपयोग किया जाता है।
आयुर्वेद में कहा गया है — “नासा ही शिरसो द्वारम”, यानी नाक दिमाग का मुख्य द्वार है। इसलिए नस्य थेरेपी से दिमाग पर सीधा असर पड़ता है और तनाव, चिंता तथा मानसिक थकान से राहत मिल सकती है।

अगर इन आयुर्वेदिक उपायों को नियमित रूप से अपनाया जाए, तो बिना दवाइयों के भी मन को शांत और स्वस्थ रखा जा सकता है। योग, प्राणायाम और देसी आयुर्वेदिक नुस्खे मिलकर शरीर और मन दोनों को संतुलित बनाए रखते हैं।

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