थ्रेसर की चपेट में आने से मजदूर घायल

पेट फटने आंतें आई बाहर, भोपाल किया रेफर

बैतूल। थ्रेसर पर काम करते समय एक मजदूर का संतुलन बिगड़ गया और वह थ्रेसर की चपेट में आ गया जिससे उसकी पेट की आंतें बाहर आ गई हैं। उसे गंभीर हालत में भोपाल रेफर किया गया है।

बंद होने के पहले ही खोल लिया था थ्रेसर

प्राप्त जानकारी के अनुसार बैतूल विकासखंड के बारहवीं के पास गुड़ी गांव में बीती रात ट्रेक्टर से चलने वाला थ्रेसर चलाया जा रहा था। जिसमें मजदूर बबलू उईके साथी मजदूरों के साथ गेंहू की दावन में जुटा हुआ था। दावन का काम खत्म करने के दौरान ट्रेक्टर चालक ने ट्रेक्टर थ्रेसर बंद कर दिया। मजदूर राजेश ने बताया की थ्रेसर बंद करने के बाद इसके पूरी तरह रुक जाने पर इसका ढक्कन खोला जाता है। लेकिन रात को बबलू ने थ्रेसर बंद होने के बाद इसे तुरंत ही खोल दिया। जिससे थ्रेसर की पंखुड़ियों ने उसे हवा के प्रेशर से अपनी और खींच लिया।

ब्लेड से फटा पेट

हादसा इतनी अचानक हुआ की बबलू को समझने का मौका ही नहीं मिला। थ्रेसर की ब्लेड ने उसका पेट फाड़ दिया। जिससे उसकी पूरी आते बाहर निकल आई। थ्रेसर बंद होने के बाद सुस्ताने बैठे मजदूरों में हड़कंप मच गया। उन्होंने तुरंत ही बबलू को थ्रेसर से बाहर निकाल कर निजी वाहन के जरिए जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टर्स ने उसकी आते पेट के अंदर कर उसे सिल दिया। मरीज की हालत गंभीर होने के चलते उसे जिला अस्पताल से भोपाल रेफर कर दिया गया। जहां हमीदिया अस्पताल में उसका रात में ही आपरेशन कर दिया गया। फिलहाल उसकी हालत सामान्य है। बताया जा रहा है की ट्रेक्टर थ्रेसर गांव के ही मनसा राम उईके का था।

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